नागालैंड-मेघालय में हो रहा मतदान, जानिए क्या हैं यहां के अहम मुद्दे
नागालैंड और मेघालय में आज मतदान हो रहा है। लोग प्रदेश में नई सरकार के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। दोनों ही राज्यों में भाजपा सत्ता में वापसी की पूरी ताकत झोंक रही है। यहां टीएमसी, भाजपा,कांग्रेस समेत स्थानीय

मेघालय और नागालैंड में आज विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस मेघालय में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है जबकि भाजपा नागालैंड में शांति स्थापना का दावा कर रही है। जिस तरह से मेघालय में टीएमसी ने अपनी मौजूदगी को दर्ज कराया है उसके बाद हर किसी की नजर आज के चुनाव पर है। दोनों ही राज्यों में विधानसभा की 60-60 सीटे हैं,लेकिन आज 59-59 सीटों पर मतदान हो रहा है।
मेघालय का समीकरण
मेघालय की बात करें तो यहां पर 21 लाख से अधिक मतदाता हैं जोकि 374 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करेंगे। यहां 3419 पोलिंग बूथ पर 59 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। सोहियोंग सीट पर यूडीपी के उम्मीदवार एचडीआर लिंगदोह के निधन की वजह से मतदान टल गया है। सभी दलों ने मतदाताओं से नौकरी और प्रदेश के बड़े मसलों के समाधाना का वादा किया है। प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या अवैध कोयला खनन है।
टीएमसी का उदय
मेघालय में तृणमूल कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरा था। कांग्रेस के 12 विधायक जिस तरह से अलग हुए उसने प्रदेश में टीएमसी को मजबूत करने का काम किया। प्रदेश में मुख्य रूप से एनसीपी, भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस सभी 60-60 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं तो एनसीपी और टीएमसी 57 और 56 सीटों पर मैदान में हैं।
संगमा बना संगमा
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और उनका परिवार गारो हिल्स क्षेत्र में मुख्य दावेदार हैं। यह दोनों का पारंपरिक क्षेत्र है, यहां पर कुल 24 विधानसभा की सीटें हैं।
नागालैंड में पहली महिला विधायक का इंतजार
नागालैंड की बात करें तो यहां पर कुल 59 सीटों पर मतदान चल रहा है। यहां पर 183 उम्मीदवारों का फैसला होगा, जिसमे 4 महिला उम्मीदवार भी हैं। अहम बात है कि नागालैंड में आजतक कोई भी महिला विधायक नहीं बनी है, ऐसे में हर किसी की नजर इस बार के चुनाव पर होगी कि क्या कोई महिला पहली बार यहां विधायक बनेगी। नागालैंड को 1963 में राज्य का दर्जा मिला था,लेकिन उसके बाद से यहां कोई भी महिला विधायक नहीं बनी है।
नागालैंड के मुद्दे, राजनीतिक समीकरण
नागालैंड के राजनीतिक मुद्दों की बात करें तो सभी दल यह दावा कर रहे हैं कि नागा शांति प्रक्रिया का वह समर्थन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में अपने चुनावी अभियान में कहा था कि केंद्र प्रदेश में स्थायी शांति लाने की कोशिश कर रहा है, यहां आर्म्ड फोर्सेस एक्ट 1958 यानि अफ्सपा को पूरी तरह से वापस लिया जाएगा। यहां भाजपा और एनडीपीपी ने चुनाव से पहले ही गठबंधन किया है। भाजपा 20 तो एनडीपीपी 40 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जबकि एनपीएफ और कांग्रेस का गठबंधन 22-23 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है।
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