Assam Witchcraft Case: असम में मानवता शर्मसार! डायन बताकर भीड़ ने दंपति को जिंदा जलाया, क्या है पूरा मामला?
Assam Witchcraft Case: असम के कार्बी आंगलोंग जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 21वीं सदी में जहां विज्ञान और टेकनॉलजी का स्मर्ट दौर आ गया है वहां अंधविश्वास और डायन-प्रथा के शक में एक दंपति की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना 30 दिसंबर 2025 को जिले के होवराघाट इलाके के बेलोगुरी मुंडा गांव में हुई थी।

डायन बताकर दंपती को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने दंपति पर जादू-टोना और डायन-प्रथा अपनाने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का दावा था कि इलाके में हो रही बीमारियों और कथित दुर्भाग्य के लिए वही जिम्मेदार हैं। इसी अंधविश्वास के चलते भीड़ ने पहले उनके घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की और बाद में उन्हें जिंदा जला दिया। इस दर्दनाक हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जांच के बाद 18 आरोपी गिरफ्तार
कार्बी आंगलोंग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पुष्पराज सिंह ने बताया कि घटना के बाद लगातार जांच की गई, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान हुई। उन्होंने कहा, अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच आगे बढ़ने के साथ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि यह सामूहिक अपराध था, इसलिए हर आरोपी की भूमिका की पहचान करना चुनौतीपूर्ण है।
घटना के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए असम विच हंटिंग (निषेध, रोकथाम और संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के तहत डायन-प्रथा से जुड़े अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती माना जाता है। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) समेत अन्य गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं।
अंधविश्वास पर एक बार फिर सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि हर आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने के लिए गांव के निवासियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि कड़े कानूनों के बावजूद असम के दूरदराज इलाकों में अंधविश्वास और डायन-प्रथा जैसी कुप्रथाएं अब भी जड़ें जमाए हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और तेज किए जाएंगे। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई की जरूरत को भी रेखांकित करती है।












Click it and Unblock the Notifications