NRC ड्राफ्ट पर ममता बनर्जी के स्टैंड से नाराज तृणमूल कांग्रेस के असम अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
NRC पर ममता के स्टैंड से नाराज TMC के असम अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
गुवाहाटी। असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC)ड्राफ्ट के मुद्दे पर बीजेपी से दो-दो हाथ कर रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उन्हीं पार्टी के नेता ने बगावत कर डाली है। असम में तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष द्विपन पाठक ने इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद द्विपन पाठक ने कहा कि ममता बनर्जी NRC ड्राफ्ट के बारे में भ्रम फैलाकर असम के लोगों को गुमराह कर रही हैं। उन्होंने असम के लोगों के हित के बारे में कभी सोचा ही नहीं।

द्विपन पाठक ने इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'ममता बनर्जी ने NRC ड्राफ्ट को बंगालियों को असम से भगाने की कोशिश करार दिया है। मैं इससे सहमत नहीं हूं, क्योंकि ऐसी कोई बात नहीं है। NRC ड्राफ्ट में असम के कई मूल निवासियों भी नाम नहीं है। 7 तारीख से फॉर्म इश्यू किए जाएंगे। 30 तारीख से लोग अपील कर सकते हैं, इससे पहले इतना हल्ला करने की जरूरत नहीं थी। इसकी वजह से असम का माहौल खराब हो सकता है। तृणमूल पार्टी का असम अध्यक्ष होने के नाते इसका पूरा ब्लेम मेरे ऊपर आएगा, इसलिए मैंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा है। असम के फेवर में हमेशा मैं बोलता रहूंगा।'
द्विपन पाठक के अलावा असम में तृणमूल कांग्रेस के दो और नेता- दिगंत सैकिया और प्रदीप पचोनी ने भी पार्टी छोड़ दी है। इन नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी को NRC का वास्तविक सच पता ही नहीं है। वह बिना किसी जानकारी के NRC की आलोचना कर रही है। दिगंत सैकिया ने कहा कि ममता बनर्जी जो कह रही हैं, उसमें और असम की जमीनी सच्चाई में काफी अंतर है।
30 जुलाई को असम में NRC ड्राफ्ट जारी किया गया, जिसमें 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक माना गया, जबकि जबकि करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गए हैं। NRC ड्राफ्ट जारी होने के बाद से ममता बनर्जी लगातार बीजेपी पर हमले कर रही है। ममता बनर्जी ने कहा, 'हम ऐसा नहीं होने देंगे। बीजेपी लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इससे देश में गृहयुद्ध की स्थिति बन जाएगी, खूनखराबा होगा।
ममता ने कहा NRC के बहाने बीजेपी असम में वोट बैंक की राजनीति खेल रही है। NRC में जिनके नाम नहीं आए हैं, उनमें सभी बांग्लादेशी नहीं हैं। इसमें बंगाली और बिहारी भी हैं। ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'मैं मातृभूमि को ऐसी हालत में नहीं देखना चाहती, मैं मातृभूमि को बंटते हुए नहीं देखना चाहती।' NRC ड्राफ्ट को लेकर गृहयुद्ध की बात कहने पर ममत बनर्जी के खिलाफ कई केस भी दर्ज हुए हैं। NRC ड्राफ्ट के मुद्दे पर ममता बनर्जी नई दिल्ली काफी लामबंदी करती भी नजर आईं।












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