असम राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने AIUDF पर लगाया विधायकों को भाजपा के हाथोंं बेचने का आरोप
असम कांग्रेस ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) पर राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पांच विधायकों को बेचने का आरोप लगाया है।
दिसपुर, 30 मार्च। असम कांग्रेस ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) पर राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पांच विधायकों को बेचने का आरोप लगाया है। एआईयूडीएफ द्वारा कांग्रेस के रिपुन बोरा को समर्थन देने का वादा करने के कुछ दिनों बाद यह बात सामने आई है।

गुरुवार को होना है दो सीटों के लिए मतदान
राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान होना है। भाजपा ने एक सीट पर पबित्रा मार्गेरिटा को उतारा है जबकि दूसरी पर उसकी सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने रवंगवारा नारजारी को उम्मीदवार बनाया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) या सीपीआई (एम) और रायजर दल के एक-एक विधायक बोरा का समर्थन कर रहे हैं।
AIUDF के विधायक भाजपा के हाथों बिके
असम कांग्रेस प्रमुख भूपेन कुमार बोरा ने कहा, 'भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता दिखाने के लिए हमने चुनाव के लिए एआईयूडीएफ से हाथ मिलाया है, लेकिन कुछ दिन पहले AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने हमारे पांच सांसदों की ईमानदारी पर संदेह व्यक्त किया और कहा कि वे भाजपा के साथ जा सकते हैं। मैं गारंटी दे सकता हूं कि सभी 26 कांग्रेस विधायक और सीपीआई (एम) और रायजर दल के एक-एक विधायक हमारे उम्मीदवार को वोट देंगे। लेकिन एआईयूडीएफ के पांच विधायक भाजपा के हाथों बिक गए हैं और अजमल सीधे तौर पर इसमें शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस सांसदों पर आरोप लगाकर सभी को गुमराह करने की कोशिश की।
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बोरा ने AIUDF पर लगाया विश्वासघात का आरोप
बोरा ने एआईयूडीएफ पर विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एआईयूडीएफ ने कांग्रेस से पूछे बगैर अपने एजेंट को चुनाव में उतारने की कोशिश की और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि चुनाव एजेंट ने मुझे कुछ दिन पहले मेरे महासचिव के माध्यम से सूचित किया था कि वह कांग्रेस उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे। असम में निर्वाचित होने के लिए उम्मीदवार को 43 वोटों की जरूरत होती है। विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगियों के पास 126 में से 83 वोट हैं। यानि भाजपा उम्मीदवार मार्गरिटा आसानी से निर्वाचित हो सकती हैं।
एआईयूडीएफ ने आरोपों को किया खारिज
एआईयूडीएफ नेता अमीनुल इस्लाम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हम बोरा के चयन पर कांग्रेस के भीतर मतभेदों के बारे में सुन रहे थे। कांग्रेस के कुछ नेता उन्हें हराने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि एआईयूडीएफ ने पहले अगले राज्यसभा चुनावों में समर्थन के बदले में कांग्रेस का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की थी। हम अपने समर्थन के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी 15 विधायक गुरुवार को बोरा को वोट देंगे। नतीजे बताएंगे कि असली गद्दार कौन है।
विपक्ष में नहीं एकता
वहीं, भाजपा नेता दिलीप सैकिया ने कहा कि आरोपों से पता चलता है कि विपक्षी दलों में एकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर कई गुट हैं और एक सौदे के बावजूद उन्हें एआईयूडीएफ पर संदेह है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट बेचने या खरीदने जैसे अनैतिक कार्यों में शामिल नहीं होती। हमारे मुख्यमंत्री के कई विपक्षी सांसदों के साथ अच्छे संबंध हैं। हम इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि हमारे दोनों उम्मीदवार जीतेंगे।












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