असम-मेघालय सीमा विवाद: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने की सर्वदलीय बैठक,समाधान के लिए 12 में से 6 क्षेत्रों की पहचान
गुवाहाटी, 18 जनवरी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज ने असम-मेघालय सीमा विवाद के मुद्दे पर सर्वदलीय प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की है। प्रदेश के कोइनाधारा स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा असम के मंत्रियों रनोज पेगु और अशोक सिंघल और प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया समेत बाकी दलों के नेता मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बातचीत के दौरान सभी दलों के प्रतिनिधियों को इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी गई है।

मतभेद वाले 6 क्षेत्रों की समाधान के लिए पहचान
इस बैठक के बाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद ट्वीट कर कहा है कि 'असम-मेघालय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए हमारी कोशिशों के फल मिलने शुरू हो गए हैं.......' उनके मुताबिक 'पहले चरण में समाधान के लिए मतभेद के 12 क्षेत्रों में से 6 की पहचान कर ली गई है; जिन इलाकों को अंतिम समाधान के लिए चुना गया है वे हैं- हाहिम, गिजांग, ताराबारी, बोकलापारा, खानापारा- पिल्लिंग्काटा और रताचेर्रा।'
'सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए रोडमैप तैयार'
सीएम के मुताबिक, 'दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों वाली 3 क्षेत्रीय समितियों की सिफारिशों के आधार पर सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।' मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'इस मामले में मुख्यमंत्री-स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद हम इस स्थिति तक पहुंचे हैं।' आज की बैठक में कई एमलए, प्रदेश के मुख्य सचिव जिश्नू बरुआ और भी कई वरिष्ठ अफसर मौजूद थे।
पिछले महीने हुई थी दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक
बता दें कि असम और मेघालय के बीच लंबे समय से जारी सीमा-विवाद के निपटारे के लिए दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की पिछले साल 23 दिसंबर को आखिरी बातचीत हुई थी, जिसमें विवाद के 12 क्षेत्रों में से पहले 6 के समाधान के लिए फैसला लिया गया है।
बता दें कि मेघालय 1972 में बना और तब से दोनों राज्यों के बीच 885 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा पर 12 स्थानों को लेकर विवाद चल रहा है। राहत की बात है कि इसमें से 6 स्थान पर मतभेद समाधान की ओर बढ़ता दिख रहा है।












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