11 साल के कमल की बहादुरी, उफनती नदी में तीन बार छलांग लगा मां और चाची को बचाया
गुवाहाटी। असम के 11 साल के स्कूल छात्र कमल किशोर ने उफनती नदी में डूब रही अपनी मां और चाची को बचा लिया। कमल तीन बार नदी में छलांग लगाकर पहले मां और फिर चाची को किनारे तक लाने में कामयाब रहे। करीब 20 मिनट कर इसके लिए कमल ने संघर्ष किया। बुधवार (छह सितंबर ) को उत्तर गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के उफान में नाव पलट गई थी। जिससे 40 लोग नदी में बह गए लेकिन इस दौरान कमल ने बहादुरी दिखाकर अपनी मां और चाची की जान बचा ली। 11 साल के इस बच्चे की उसकी बहादुरी के लिए जमकर तारीफ हो रही है। कमल पांचवी कक्षा का छात्र है, उसका परिवार भी उसी नाव में सवार था जो नदी में पलट गई।

कमल को एक दूसरी महिला को ना बचा पाने का दुख
बहादुरी का परिचय देने वाले कमल को इस बात का तो संतोष है कि वो अपनी मां और चाची की जान बचा पाया लेकिन उसे दूसरे लोगों के लिए दुख है। कमल ने मां और चाची को बचाने के बाद भी दूसरे लोगों को निकालने के लिए नदी में छलांग लगाई। वह एक महिला और उसके बच्चे को नदी से बाहर लाया भी लेकिन ये दोनों बच नहीं पाए। इसका कमल को दुख है।

बच्चे तो बचाने में बह गई महिला
कमल ने बताया कि मां और आंटी को पानी से निकालने पर उसने एक महिला और बच्चे को बहते देखा। कमल ने पानी में छलागं लगाकर दोनों को पकड़ा और किसी तरह से दोनों को बांध के पिलर स्लैब तक लेकर आया। इसी दौरान तेज बहाव के चलते महिला के हाथ से उसका बच्चा फिसल गया और बच्चे को पकड़ने के लिए महिला भी पानी में कूद गई। नदी का बहाव इतना तेज था कि पलक झपकते ही दोनों दिखना बंद हो गए और कमल कुछ ना कर सका।

बुधवार को हुआ हादसा
असम के गुवाहाटी में बुधवार दोपहर 45 लोगों और आठ दुपहिया वहानों को लेकर जा रही बड़ी इंजन वाली नाव ब्रह्मपुत्र नदी में डूब गई थी। इस हदासे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 11 लोग लापता हैं। भारी बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र नदी पूरे उफान पर है। जिसके चलते टीम ये हादसा हुआ। उफान के चलते हादसे के बाद बचाव के काम में भी मुश्किलें आईं।












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