गुवाहाटी में बोले अमित शाह- बदरुद्दीन अजमल को गोद में बैठाकर कांग्रेस ना करें असम अस्मिता की बात

गुवाहाटी। असम में हो रहे विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए गुवाहाटी पहुंचे भाजपा नेता और गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस को निशाने पर लिया है। गुवाहाटी में भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल की पार्टी से गठबंधन किया है और वो असम अस्मिता की बात कर रहे हैं, उनको इस बात को कहते हुए क्या शर्म नहीं आती है। शाह ने कांग्रेस के सेक्युलेरिज्म को लेकर भी सवाल उठाए।

 गुवाहाटी। असम चुनाव प्रचार के लिए गुवाहाटी पहुंचे भाजपा नेता और गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है। सोमवार को गुवाहाटी में भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस बदरुद्दीन अजमल की पार्टी से गठबंधन किया है और वो असम अस्मिता की बात कर रहे हैं, उनको इस बात को कहते हुए क्या शर्म नहीं आती है। शाह ने कांग्रेस के सेक्युलेरिज्म को लेकर भी सवाल उठाए। अमित शाह ने अपने भाषण में कहा, 20-25 सालों से हम मानते ही नहीं थे कि आंदोलन, हिंसा, घुसपैठ और आतंकवाद असम से हट सकता है। असम के अस्मिता की बात करने वाले (कांग्रेस) घुसपैठ तक नहीं रोक पाए, असम की अस्मिता को क्या खाक बचाएंगे। कांग्रेस की की गोदी में अजमल बैठा है और उनको असम के अस्मिता की बात करते शर्म नहीं आ रही है। शाह ने कहा कि कांग्रेस एक तरफ धर्मनिरपेक्षता की बात करती है और दूसरी तरफ यहां बदरुद्दीन अजमल के साथ है। केरल में मुस्लिम लीग के साथ बैठी। मेरी तो समझ में नहीं आता कि ये कैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। इनके धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा अनोखी है। शाहने कहा कि आंदोलन मुक्त असम भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। असम के युवाओं पर गोली चलाने वाली कांग्रेस आज असम के अस्मिता की बात करती है। कांग्रेस ने 70 साल में ब्रह्मपुत्र पर एक पुल बनाया। वे नहीं चाहते थे कि असम एक हो। मोदी जी ने 6 साल में 6 पुल बनाए है।

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    अमित शाह ने अपने भाषण में कहा, 20-25 सालों से हम मानते ही नहीं थे कि आंदोलन, हिंसा, घुसपैठ और आतंकवाद असम से हट सकता है। असम के अस्मिता की बात करने वाले (कांग्रेस) घुसपैठ तक नहीं रोक पाए, असम की अस्मिता को क्या खाक बचाएंगे। कांग्रेस की की गोदी में अजमल बैठा है और उनको असम के अस्मिता की बात करते शर्म नहीं आ रही है। शाह ने कहा कि कांग्रेस एक तरफ धर्मनिरपेक्षता की बात करती है और दूसरी तरफ यहां बदरुद्दीन अजमल के साथ है। केरल में मुस्लिम लीग के साथ बैठी। मेरी तो समझ में नहीं आता कि ये कैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। इनके धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा अनोखी है।

    शाहने कहा कि आंदोलन मुक्त असम भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। असम के युवाओं पर गोली चलाने वाली कांग्रेस आज असम के अस्मिता की बात करती है। कांग्रेस ने 70 साल में ब्रह्मपुत्र पर एक पुल बनाया। वे नहीं चाहते थे कि असम एक हो। मोदी जी ने 6 साल में 6 पुल बनाए है।

    असम में तीन चरण में चुनाव

    असम में इस समय विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। असम में 27 मार्च को, एक अप्रैल को और छह अप्रैल को वोट पड़ेंगे और दो मई को नतीजों का ऐलान होगा। इस चुनाव में कांग्रेस एआईयूडीएफ और लेफ्ट के साथ मिलकर लड़ रही है। असम में विधानसभा की 126 सीटे हैं। 2016 में हुए चुनाव में भाजपा ने 60 सीट जीतकर सरकार बनाई थी और कांग्रेस को 26 सीटें मिली थीं। उससे पहले 2001 से 2016 तक असम में कांग्रेस की सरकार थी।

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