ASI बाबू राम और कॉन्स्टेबल हुसैन भट को मरणोपरांत अशोक चक्र, 14 एनकाउंटर में किया था 28 आतंकियो को ढेर

नई दिल्ली, 15 अगस्त। जम्मू कश्मीर में जिस तरह से आतंकियों के खिलाफ लगातार डटकर मुकाबला करते हुए एएसआई बाबूराम और कॉन्स्टेबल अल्ताफ हुसैन शहीद हुए उसके बाद उनकी शहादत और बहादुरी को याद करते हुए भारत सरकार ने दोनों को सम्मानित किया है। सहायक उप निरीक्षक बाबू राम को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मरणोपरांत अशोक चक्र और कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन भट को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। बता दें कि अशोक चक्र को शांति काल में वीरता के सबसे बड़े सम्मान के रूप में जाना जाता है। वहीं कीर्ति चक्र दूसरा सबसे बड़ा सम्मान है।

राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सशस्त्र बल के जवानों, पुलिस और अद्धसैनिक जवानों को पुरस्कृत और सम्मानित किया। कुल 144 लोगों को उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया गया। 15 लोगों को शौर्य चक्र, 116 सेना पदक और एक अशोक व कीर्ति चक्र दिया गया। बता दें कि बाबू राम और हुसैन भट जम्मू कश्मीर पुलिस में तैनात थे और दोनों ने घाटी में अपनी सेवाएं दी।

बचपन से ही सशस्त्र बल में शामिल होना चाहते थे बाबू राम

बचपन से ही सशस्त्र बल में शामिल होना चाहते थे बाबू राम

अधिकारियों के मुताबिक बाबू राम जम्मू के पुंछ जिले के सीमावर्ती इलाके मेंढर के धारना गांव में पैदा हुए थे। उनका जन्म 15 मई 1972 को हुआ था और बचपन से ही वह सशस्त्र बलों में अपनी सेवा देना चाहते थे। अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद बाबू राम 1999 में जम्मू कश्मीर पुलिस में बतौर कॉस्टेबल नियुक्त किए गए। जिसके बाद उन्होंने 20 साल से अधिक समय तक पुलिस बल में अपनी सेवाएं दी।

 14 एनकाउंटर में 28 आतंकी किए ढेर

14 एनकाउंटर में 28 आतंकी किए ढेर

बाबू राम ने 14 एनकाउंटर में 28 आतंकियों को मार गिराया था। अधिकारियों ने बताया कि बाबू राम को 27 जुलाई 2002 में श्रीनगर के विशेष अभियान समूह यानि एसओजी के पद पर तैनात किया गया था और वह कई आतंक रोधी अभियान में शामिल रहे। इस दौरान बाबू राम ने कई आतंकियों को मार गिराया। बतौर एसओजी उन्होंने कुल 14 एनकाउंटर में हिस्सा लिया और 28 आतंकियों को ढेर किया।

आतंकियों से मुठभेड़ में हुए शहीद

आतंकियों से मुठभेड़ में हुए शहीद

कॉन्स्टेबल अल्ताफ हुसैन भट की बात करें तो वह श्रीनगर के सफकदल के रथपुरा इलाके में रहते थे और वह गांदरबल में बतौर कॉन्स्टेबल तैनात थे। वह एक व्यक्ति को बतौर निजी सुरक्षा अधिकारी यानि पीएसओ के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। पिछले वर्ष 6 अक्टूबर को इस व्यक्ति पर आतंकियों ने हमला कर दिया, इस दौरान इस व्यक्ति की रक्षा करते हुए अल्ताफ हुसैन भट शहीद हो गए हैं।

 आतंकियों से बचाई जान

आतंकियों से बचाई जान

जिस व्यक्ति की सुरक्षा में अल्ताफ थे उनपर हमले के दौरान उन्हें बचाने के लिए अल्ताफ ने अपनी परवाह किए बगैर आतंकियों को गोली बरसाई और व्यक्ति की जान बचा ली। लेकिन इस दौरान उन्हें कई गोलियां लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।

 4 लोगों को मरणोपरांत शौर्य चक्र

4 लोगों को मरणोपरांत शौर्य चक्र

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 15 लोगों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इसमे थल सेना के 6 सुरक्षाकर्मी, वायु सेना के 2, नौसेना के एक अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के 6 जवानों को भी इस पुरस्कार से सम्मानति कया गया। कुल 15 लोगों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया जिसमे से 4 लोगों को मरणोपरांत शौर्य चक्र दिया गया। ओडिशा पुलिस के देबाशीष सेठी और सुधीर कुमार टुडू को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+