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अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर दिया 'विवादित' बयान, बोले- उन्हें जाति की वजह से बनाया गया राष्ट्रपति

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस ने राष्ट्रपति कार्यालय को भी विवादों में ला दिया है। ये इस चुनाव की सबसे बड़ी विवादित टिप्पणी बन सकती है। राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रसे के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोविंद की राष्ट्रपति पद पर नियुक्ति उनकी जाति को देखते हुए की गई। उनके इस बयान से एक बार फिर राजनीतिक हंगामा होना तय दिखता है।

'बीजेपी ने कोली समुदाय को खुश करने के की नियुक्ति'

राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक मीटिंग में कहा कि बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को इसलिए राष्ट्रपति बनाया था, ताकि वो साल 2017 में गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव से पहले कोली समुदाय को खुश कर सके। अशोक गहलोत ने मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीति का स्तर गिराने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आगे कहा कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाने का कदम इसलिए उठाया गया ताकि बीजेपी को गुजरात विधानसभा चुनाव में फायदा पहुंच सके। गुजरात में कोली समुदाय की जनसंख्या अच्छी खासी है, जो कोविंद की है।

'कांग्रेस राष्ट्रपति जी को बदनाम कर रही है'

वहीं बीजेपी की तरफ से जीवीएल नरसिम्हा राव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कांग्रेस क्या गरीब तबके, दलित समाज से आने वाले राष्ट्रपति जी के खिलाफ है। एक काबिल व्यक्ति और ज्ञानी व्यक्ति होने के बावजूद केवल समाज का नाम लेकर कांग्रेस राष्ट्रपति जी के साथ पूरे समाज और देश को बदनाम कर कर रही है।

'आडवाणी पीछे छूट गए'

'आडवाणी पीछे छूट गए'

अशोक गहलोत ने गुजरात चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि, क्योंकि गुजरात में चुनाव आ रहे थे। वो घबरा चुके थे कि हमारी(बीजेपी) की सरकार गुजरात में नहीं बनने जा रही है। मेरा ऐसा मानना है कि रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति जातीय समीकरण बैठाने के लिए बनाया और इसमें लाल कृष्ण आडवाणी पीछे छूट गए। उन्होंने जयपुर में एक मीटिंग के दौरान ये विवादित बयान दिया।

बीजेपी ने जीता था गुजरात चुनाव

बीजेपी ने जीता था गुजरात चुनाव

साल 2017 के आखिर में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस के साथ हुए कड़े मुकाबले में उन्होंने 99 सीटें जीतकर बहुमत से सरकार बनाई थी। यहां बहुमत का आंकड़ा 92 था। कांग्रेस को 77 सीटें मिली थी और उसका प्रदर्शन काफी सुधरा था। गुजरात में कुल 82 विधानसभा सीटें हैं। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 115 और कांग्रेस को 61 सीटें हासिल हुई थीं।

ये भी पढ़ें- गुजरात लोकसभा चुनाव 2019 की विस्तृत जानकारी

बीजेपी नेता ने भी मोदी पर लगाया था आरोप

बीजेपी नेता ने भी मोदी पर लगाया था आरोप

साल 2014 में सोनिया गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले अजय अग्रवाल ने ये पीएम मोदी को लैटर लिखकर आरोप लगाया कि गुजरात चुनाव जीतने के लिए पार्टी के संस्थापक सदस्य और सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी की बलि ले ली गई। पूरा देश चाहता था कि आडवाणी देश के अगले राष्ट्रपति बने, लेकिन जब पार्टी को गुजरात विधानसभा चुनाव में हार के संकेत मिलने लगे, तब कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक माने जाने वाले कोली समाज को अपने पक्ष में करने के लिए रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बनाया गया।

ये भी पढ़ें- सोनिया के खिलाफ 2014 में चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता बोले- निष्पक्ष तरीके से चुनाव होने पर पार्टी को मिलेंगी 40 सीटें

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English summary
Ashok Gehlot says Ram Nath Kovind was appointed President because of his caste
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