अशोक गहलोत ने सुनाया 2013 का किस्सा, बोले- अब मैं कहूं कि मोदी मेरे गले पड़ गए
जयपुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पीएम नरेंद्र मोदी से गले मिलने पर सियासत जारी है। बीजेपी नेता एक के बाद एक राहुल गांधी के गले मिलने को बचकाना हरकत बता रहे हैं तो वहीं कांग्रेस नेता इसे शिष्टाचार बता रहे हैं। कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने सोमवार को मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि अगर पीएम मोदी ने शिष्टाचार दिखाते हुए राहुल गांधी को गले लगा लिया होता तो यह इतिहास की बहुत बड़ी घटना होती।

पीएम मोदी ने शिष्टाचार नहीं दिखाया
राहुल गांधी भावुक होकर मोदी से मिलने गए, एक राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष चलकर उनके पास गया, यह एक शिष्टाचार है, लेकिन पीएम मोदी ने शिष्टाचार नहीं दिखाया। गहलोत पीएम मोदी पर तंज कसते हुए एक पुराना वाकया याद दिलाया। साल था 2013 जब नरेंद्र मोदी पीएम नहीं सीएम थे। मौका था वसुंधरा राजे सिंधिया के शपथ ग्रहण समारोह का। इस समारोह में नरेंद्र मोदी आगे बढ़कर अशोक गहलोत से गले मिले थे। इस घटना को अशोक गहलोत ने अब याद किया है।

अशोक गहलोत ने यूं बयां किया गले पड़ने वाला किस्सा
पिछले कुछ महीनों से राहुल गांधी के सबसे ज्यादा करीब नजर आ रहे गहलोत ने कहा, 'पिछली बार वसुंधरा राजे के शपथ ग्रहण में मैं गया, मैं गया तो मोदीजी मेरे गले लग गए, अब मैं यह कहूं कि मोदीजी मेरे गले पड़ गए। ' बीजेपी ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा था कि भले ही वह जबरन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लगे हों, लेकिन अगले साल लोकसभा चुनाव में देश की जनता उन्हें लगे नहीं लगाएगी। कांग्रेस कार्यसमिति में राहुल गांधी ने जो भाषण दिया उसको लेकर उन पर वार करते हुए बीजेपी के मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने कहा कि लोग अगले आम चुनाव में उन्हें खारिज कर देंगे।

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी मिले मोदी से गले
बीते शुक्रवार को अविश्वास पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने काफी आक्रामक अंदाज में भाषण दिया। उन्होंने बीजेपी पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया और कांग्रेस को प्यार सिखाने वाली पार्टी बताया। राहुल गांधी ने कहा, 'मैं आप सबको कांग्रेस बनाना चाहता हूं।' भाषण खत्म करने के बाद राहुल गांधी पीएम मोदी के पास गए और वह गले मिले।












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