2014 क्या 2019 में भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे अरविंद केजरीवाल

अगर दिल्ली की बात करें तो दिल्ली भौगोलिक रूप से भले ही छोटी है, लेकिन राजधानी होने के नाते यहां पर सब कुछ सुव्यवस्थित करना उतना ही किठन है, जितना कि उत्तर प्रदेश में। केजरीवाल के करीबी ने बातचीत में बताया कि फिलहाल उनका फोकस दिल्ली के विकास कार्य है। हालांकि वो लोकसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिये नियमित रूप से समय देते रहेंगे। यही नहीं केजरीवाल अब घूम-घूम कर दिल्ली के घर-घर जाकर जनसंपर्क भी स्थापित नहीं करेंगे। जन संपर्क को बढ़ाने के लिये आम आदमी पार्टी ने नई टीम का गठन किया है, जो देश के सभी बड़े राज्यों में जनसंपर्क को आगे बढ़ायेगी।
यहां भी कांग्रेस को खाने के लिये तैयार आप
तमाम राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि केजरीवाल की पार्टी लोकसभा चुनाव में भाजपा के वोट पर सेंध लगायेगी। कईयों ने तो यहां तक कहा कि नरेंद्र मोदी की मेहनत पर केजरीवाल पानी फेर सकते हैं। जबकि एक तरफ राजनीति के पंडित यह भी कहते हैं कि आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी कांग्रेस को खाने के लिये तैयार बैठी है।
दिल्ली में समर्थन मिल गया है, इसका मतलब यह नहीं कि आप की रैलियों में कांग्रेस को कोसा नहीं जायेगा, यह नहीं कि कांग्रेस की तारीफों के पुल बांधे जायेंगे। केजरीवाल पहले भी भ्रष्टाचार की बात करते थे, अब भी करेंगे, बस फर्क यह होगा कि अब वो पार्टी का नाम चिल्ला-चिल्ला कर लेने के जाये सामान्य शब्दों में लेंगे। और केजरीवाल के सामान्य शब्द ही जनता के दिल और दिमाग पर गहरा असर डालने वाले हैं।












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