LG आवास पर केजरीवाल कैबिनेट का धरना जारी, सत्येंद्र जैन अनिश्चितकालीन अनशन पर
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दो अन्य मंत्री गोपाल राय व सत्येंद्र जैन अपनी मांगों को लेकर सोमवार शाम से उपराज्यपाल अनिल बैजल के ऑफिस में बैठे हैं। केजरीवाल एंड टीम का यह धरना अब बड़ा होता जा रहा है और सत्येंद्र जैन ने इसे अनिश्चितकालीन अनशन का रूप दे दिया है। इस बात की जानकारी खुद मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके दी है। मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके कहा कि 18 घंटे से एलजी साहब के वेटिंग रूम में बैठे हैं। एलजी साहब अड़े हुए हैं कि ना अफसरों की हड़ताल खत्म करवाऊंगा और ना राशन की डोर स्टेप डिलीवरी वाली फाइल क्लियर करूंगा। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। दिल्ली के लिए काम करवाना हमारी भी जिद है।

दरअसल, केजरीवाल सरकार की उप राज्यपाल से मुख्य मांग है कि हड़ताल पर गए आईएएस अधिकारियों को काम पर लौटने का निर्देश दिया जाए और चार महीनों से कामकाज रोक कर रखे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं उप राज्यपाल ने बयान जारी कर कहा है कि सरकार ने हड़ताल पर गए अधिकारियों के साथ मतभेदों को हल करने का कोई प्रयास नहीं किया है। उप राज्यपाल के बयान के जवाब में दिल्ली सरकार की ओर से एक और पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में ब्यूरोक्रेसी के साथ मतभेदों को निपटाने के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र किया गया है।
क्या है मामला और कैसे शुरु हुआ धरना
केजरीवाल अपनी तीन मांगें मनवाने के लिए सोमवार को उपराज्यपाल से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे थे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने किसी भी बात को मानने से इंकार कर दिया है। उसके विरोध में उप-राज्यपाल के दफ्तर पर ही केजरीवाल धरने पर बैठ गए। केजरीवाल ने कहा कि जब तक उपराज्यपाल मांगें नहीं मानेंगे, यहां से नहीं जाऊंगा। इससे पहले आज सुबह मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर टैग करते हुए उपराज्यपाल से समय मांगा। सिसोदिया ने लिखा, 'गुड मॉर्निंग सर, कल शाम से दिल्ली के मुख्यमंत्री और 3 मंत्री आपके वेटिंग रुम में रुके हुए हैं। हमें उम्मीद है कि आप अपने बिजी शेड्यूल से हमारे लिए कुछ वक्त निकालेंगे और हमारी 3 मांगों को मान लेंगे।












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