अरुण जेटली ने कहा चुनौतियां बहुत स्पष्ट हैं, मंहगाई पर काबू पाना होगी प्राथमिकता

अरुण जेटली ने कहा कि हमारी सरकार को जो जनादेश मिला है उसमें आशा अंतर्निहित है। राजनैतिक बदलाव अपने आपमें वैश्विक समुदाय और घरेलू निवेशक दोनों के लिए मजबूत संदेश होता है। मुझे लगता है कि अगले दो महीने निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज कर हम इसे आगे बढ़ा सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि नई सरकार की पूरी नीति अगले कुछ दिनों में जाहिर की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार की पूरी नीति के लिए आपको कुछ और दिन इंतजार करना होगा। यह पूछने पर कि क्या वह वृद्धि दर की कीमत पर मुद्रास्फीति पर ध्यान देंगे? इस पर जेटली ने कहा संतुलन बिठाने का काम करना होगा।
अरुण जेटली ने आरबीआई के गर्वनर से की मुलाकात:
इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने नए वित्त मंत्री जेटली से मुलाकात की। गौरतलब है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अपने सबसे बुरे दौर से गुजरर ही है और 2012-13 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर पिछले एक दशक के नीचे निचले स्तर 4.8 प्रतिशत रह गई है । इस साल मार्च में खाद्य महंगाई दर 9.9 प्रतिशत और थोक महंगाई दर 4.7 प्रतिशत रही थी।












Click it and Unblock the Notifications