वित्त मंत्री जेटली ने पेश की देश की आर्थिक तस्वीर, रोजगार बढ़ाने का दावा- जानें बड़ी बातें
सरकार ने दावा किया है कि जीएसटी के लागू होने से करप्शन में कमी आई है। आर्थिक सचिव ने कहा कि इस साल महंगाई दर 3.5 फीसदी रहने का अनुमान है।
नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने के बाद हमने कहा था कि अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले तीन सालों से भारत दुनिया की सबसे तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। जब कुछ बड़े बदलाव आते हैं, तो सीमित समय में उसके कुछ असर सामने आते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म में इसके फायदे सामने आते हैं। लेकिन यह तय है कि देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत है।

GST लागू होने से करप्शन मे कमी आई
सरकार ने दावा किया है कि जीएसटी के लागू होने से करप्शन में कमी आई है। आर्थिक सचिव ने कहा कि इस साल महंगाई दर 3.5 फीसदी रहने का अनुमान है। सड़क निर्माण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। सड़क, रेलवे, पावर, हाउसिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का पूरा फोकस है। रोजगार पैदा करने पर भी विशेष ध्यान है। वर्ष 2014 से मुद्रास्फीति निरंतर नीचे चल रही है। इस साल भी यह चार प्रतिशत से पर नहीं जाएगी। चालू खाता घाटा इस वर्ष दो प्रतिशत से कम होने का अनुमान विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब अमेरिकी डॉलर से पर पहुंच चुका है। सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.2 प्रतिशत पर रखने को प्रतिबद्ध है। दिसंबर में स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

मेगा इंफ्रा प्रोजेक्ट का ऐलान
भारतमाला प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत सरकार 34,800 किलोमीटर सड़क का निर्माण करेगी, जिसमें 5,35,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। वहीं हिस्टोरिक रोड बिल्डिंग प्रोग्राम के मुताबिक, 'अगले 5 वर्षों में 6 लाख 92 करोड़ रुपये की लागत से करीब 83,000 किलोमीटर हाईवे का निर्माण किया जाएगा, जिससे 14 करोड़ दिनों तक रोजगार के मौके मिलेंगे।' भारतमाला प्रोजेक्ट मोदी सरकार की महत्वाकांक्षा परियोजना है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्रोजेक्ट के बाद दूसरी बड़ी हाईवे परियोजना है और इसके तहत सीमाई और अन्य इलाकों में संपर्क सेवा बेहतर करने के लिए 50,000 किलोमीटर लंबी सड़का का निर्माण किया जाना है।

अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद
सरकार ने कहा कि पूंजीगत खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया है और यह पहले छह महीने में खर्च के आंकड़ों को देखकर आसानी से समझा जा सकता है।अर्थव्यवस्था को लेकर जारी व्यापक प्रेंजेंटशन देते हुए सरकार ने कहा कि पिछले तीन सालों में महंगाई में व्यापक कमी आई है और पिछले एक साल में इसमें 2 फीसदी तक की कमी आई है और हमारी कोशिश इसे काबू में रखने की है। वहीं चालू खाता घाटे को लेकर सरकार ने कहा कि सरकार इसे 2 फीसदी के सुरक्षित रेंज से नीचे रखने में सफल रही है। अर्थव्यवस्था की खराब हालत को लेकर जारी आलोचनाओं को खारिज करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि सभी संकेत बता रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था का कायापलट हो रहा है और सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएसबी की हालत सुधारने को उठा रहे कदम
केंद्र सरकार पीएसबी को इस जाल से बाहर निकालने के लिए कई कदम उठा रही है। प्रजेंटेशन के मुताबिक सरकार ने इस स्थिति को सुधारने के लिए एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पीएसबी के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। पब्लिक सेक्टर बैंकों की हालत सुधारने के लिए कैबिनेट 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपये के पीएसबी कैपिटलाइजेशन प्लान को मंजूरी दी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद पब्लिक सेक्टर बैंक मजबूत हुए हैं। उनकी कर्ज देने की क्षमता काफी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खर्च के मामले में आगे बढ़ना पड़ेगा। यह ढांचागत विकास पर हो रहे खर्च को बढ़ाने में मदद करेगा।












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