12 प्रतिशत बढ़ा रक्षा बजट, वन रैंक वन पेंशन की राशि भी दोगुनी

यानी पिछले वर्ष के डिफेंस बजट की तुलना में इस वर्ष भारत के डिफेंस बजट में 12 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
49 प्रतिशत एफडीआई का ऐलान भी अरुण जेटली की ओर से कर दिया गया। वन रैंक पेंशन, वॉर मेमोरियल, मिलिट्री मॉर्डनाइजेशन और इस तरह की कई बातों को इस बजट में जगह मिली है।
50 बिलियन ज्यादा इस बार का डिफेंस बजट
पिछले वर्ष भारत ने रक्षा बजट के लिए 2.04 लाख करोड़ रुपए बतौर डिफेंस बजट प्रस्तावित किए थे। इस बार इस रकम में 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यानी यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में भारतीय रकम में 50 बिलियन ज्यादा है।
वन रैंक वन पेंशन के लिए 1000 करोड़
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत दुनियाभर में रक्षा उत्पादों का सबसे बड़ा खरीदार है और ऐसे में इस क्षेत्र पर ध्यान देने की खास जरूरत है।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में मौजूद पेंशन की अनियमितताओं को दूर करने के लिए 1000 करोड़ रुपए की और राशि का भी प्रस्ताव किया है, ताकि जवानों के लिए 'एक रैंक एक पेंशन' की नीति को कार्यांवित किया जा सके।
यहां पर आपको बता दें कि फरवरी में जब यूपीए सरकार की ओर से अतंरिम बजट पेश किया गया था तो उस समय सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही वन रैंक वन पेंशन के लिए प्रस्तावित किए गए थे।
मिलिट्री मॉर्डनाइजेशन के लिए 5000 करोड़ रुपए
रक्षा सेनाएं देश के सामरिक हितों के लिए अपनी भूमिका कारगर रूप से निभा सके, इसके लिए रक्षा सेनाओं के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने रक्षा आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत परिव्यय अंतरिम बजट में किए गये प्रावधान से 5,000 करोड़ रुपए बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया है।
इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे के विकास को बढाने के लिए 1,000 करोड़ रुपए की राशि भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इसमें तेजी लाने और अधिक कारगर बनाने के वास्ते हासिल करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए त्वरित उपाय भी किए जाएंगे।
100 करोड़ से बनेगा वॉर मेमोरियल
वित्त मंत्री की ओर से इस बात की भी घोषणा की गई कि जल्द ही प्रिंसेज पार्क में 100 करोड़ रुपए से एक वॉर मेमोरियल भी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया बॉर्डर के पास रहने वाले लोगों और वहां के इलाकों के विकास के लिए सरकार की ओर से 999 रुपए करोड़ का ऐलान भी किया गया।












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