370 हटाए जाने पर लोकसभा में बोले मनीष तिवारी, ये एक संवैधानिक त्रासदी

370 हटाए जाने पर लोकसभा में बोले मनीष तिवारी, ये एक संवैधानिक त्रासदी

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    नई दिल्ली। लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि संसद में आज जो हो रहा है, वो एक संवैधानिक त्रासदी है। 70 साल के आजाद भारत के इतिहास में ये अपनी तरह का अकेला मामला है, जिसमें एक पूर्ण राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जा रहा है। तिवारी ने 370 हटाने पर कहा कि इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों को भी विशेष अधिकार दिए गए हैं, क्या वो भी वापस ले लेंगे। गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल पेश किया है। राज्यसभा से बिल सोमवार को पास हो चुका है।

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    बिल पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि जम्मू कश्मीर अगर आज भारत का अभिन्न अंग है तो वह पंडित जवाहरलाल नेहरू की वजह से है। नेहरू ने कदम उठाकर उसे भारत का अभिन्न अंग बनाया। विलय के साथ कुछ वादे में किए गए थे। 1952 में भारत के संविधान में धारा 370 को शामिल किया गया। जम्मू कश्मीर में संविधान सभा का गठन हुआ और वहां के लिए अलग संविधान की संरचना की। इसके बाद तय हुआ कि वहां का हर फैसला संविधान सभा, विधानसभा की राय लेने के बाद ही किया जाएगा।

    संसद में आज जो हो रहा है, यह त्रासदी है। 1952 से लेकर जब जब नये राज्य बनाये गये हैं या किसी राज्य की सीमाओं को बदला गया है तो बिना विधानसभा के विचार-विमर्श के नहीं बदला गया है। अनुच्छेद 3 की स्प्रिट संसद को खुद राय लेने का अधिकार नहीं देती न ही अनुच्छेद 3 किसी सूबे को तोड़ने की बात कहती है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के गठन के वक्त राय ली गई थी और यूपीए ने कोई असंवैधानिक काम नहीं किया। आज जम्मू कश्मीर के संदर्भ में संविधान का पालन नहीं हुआ। बगैर विधानसभा के विचार के कोई भी राज्य का गठन आज तक नहीं किया गया था।

    तिवारी ने लोकसभा में कहा, जम्मू कश्मीर संविधान सभा की मंजूरी के बिना 370 को खारिज नहीं किया जा सकता। जम्मू कश्मीर विधानसभा-विधान परिषद का मतलब यह संसद नहीं है। जम्मू कश्मीर का अलग संविधान है जो 1957 को लागू हुआ था क्या अब प्रदेश के बंटवारे के बाद उस संविधान को खारिज करने का बिल भी सरकार लेकर आएगी।

    जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक सोमवार को राज्यसभा से पास हो चुका है।125 के मुकाबले 61 वोट से बिल पास हुआ। बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दो अलग केंद्र शासित राज्य बनाने का प्रावधान है।

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