Article-35A को लेकर भिड़े दो आईएएस अधिकारी, पढ़िए क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल-35A को लेकर दो आईएएस अधिकारी आपस में भिड़ गए। दरअसल पूरा मामला तब सामने आया जब 5 अगस्त को आईएएस अधिकारी शाह फैजल ने ट्विटर पर एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मैं आर्टिकल-35A की तुलना निकाहनामे से करूंगा। आप इसे निरस्त करते हैं और रिश्ता खत्म हो गया। बाद में चर्चा करने के लिए कुछ भी नहीं रहेगा। आईएएस अधिकारी शाह फैजल के इस ट्वीट पर दूसरे आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित ने ट्वीट किया।

आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित ने आईएएस अधिकारी शाह फैजल के ट्वीट पर लिखा कि, आईएएस में आने के लिए आपने भारत के संविधान की शपथ ली होगी, जो सुप्रीम कोर्ट में आपके विश्वास को रखता है। आर्टिकल-35A पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अभी नहीं आया है और आप अलगाववादी स्टैंड का समर्थन कर रहे हैं। दूसरा कोर्स हमेशा खुला रहता है। उनके इस ट्वीट पर शाह फैजल ने जवाब दिया।
शाह फैजल ने ट्वीट करके कहा कि मुझे संविधान में पूर्ण विश्वास है। इसके सभी चैप्टर, आर्टिकल, खंड और आर्टिकल 370 और आर्टिकल-35A सहित परिशिष्टों में। संविधान एक प्रतिज्ञा पत्र है। यह मुगलसराय स्टेशन की तरह नहीं है, जिसे जैसा हम चाहें किसी भी तरह से पेंट किया जा सके।
इसके जवाब में आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित ने ट्वीट किया कि अगर आपने इसे अच्छी तरह से पढ़ा है (जो कि मुझे संदेह है), मुझे संविधान की जीओआई प्रमाणित प्रति दिखाएं, जिसमें आर्टिकल 35ए शामिल है। साथ ही देश के संविधान और अनुबंध के बीच अंतर जानने को अपडेट करें।












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