क्या ओमिक्रॉन वेरिएंट की उत्पत्ति में है चूहों का हाथ? रिसर्च में वैज्ञानिकों को पता चली कई बात
नई दिल्ली, 29 जनवरी: कोरोना वायरस को दुनिया में आए दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन अभी इससे जुड़े सारे रहस्य नहीं सुलझ पाए हैं। हाल ही में ओमिक्रॉन वेरिएंट सामने आया था, जिस वजह से सारी दुनिया परेशान है। वैसे तो ये वेरिएंट लोगों को काफी तेजी से संक्रमित कर रहा, लेकिन ये डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम जानलेवा है। इसको लेकर वैज्ञानिकों के पास कई सवाल हैं, जिसका जवाब खोजने की कोशिश की जा रही है।

वैज्ञानिकों के पास सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ओमिक्रॉन वेरिएंट की उत्पति कहां से हुई। इस पर कई शोध हो रहे हैं। Nature की एक रिपोर्ट के मुताबिक ओमिक्रॉन के आनुवांशिक पूर्वजों का पता 2020 के मध्य में चल गया था। उसके अलावा SARS-CoV-2 की लाखों बार जीनोम सिक्वेंसिंग हुई थी, लेकिन आशंका ये है कि म्यूटेशन की कुछ सीरिज छूट गई होंगी। उसी रिसर्च के दौरान ये आशंका जताई गई कि शायद चूहे या उसके जैसे अन्य जीवों की वजह से ओमिक्रॉन वेरिएंट की उत्पत्ति हुई हो।
रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के SARS-CoV-2 की तुलना में 50 म्यूटेशन हैं। इसमें से 30 म्यूटेशन ऐसे हैं, जो कोरोना के स्पाइक प्रोटीन में मौजूद अमीनो एसिड में बदलाव से संबंधित हैं, जबकि पिछले वेरिएंट में 10 से ज्यादा स्पाइस प्रोटीन मौजूद नहीं थे।
वैक्सीन की वजह से हालात सही
पिछले साल मार्च-अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर आई थी, तो उसके पीछे डेल्टा वेरिएंट का हाथ था। भारत में भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा, जहां हजारों लोगों ने जान गंवाई। इस बार भी ओमिक्रॉन के केस काफी ज्यादा संख्या में आ रहे हैं, लेकिन गंभीर मरीजों और मृतकों की संख्या दूसरी लहर की तुलना में कम है। वैज्ञानिक इसके पीछे की वजह वैक्सीनेशन को बता रहे।












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