Anna Hazare ने केंद्र को दी 'अंतिम प्रदर्शन' की धमकी, कहा- अगर मांगे नहीं मानीं तो करूंगा भूख हड़ताल

नई दिल्ली। Anna Hazare on Farmers: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार को धमकी दी है कि अगर किसानों से संबंधित मुद्दों पर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह अगले साल भूख हड़ताल करेंगे और यह उनका 'अंतिम प्रदर्शन' होगा। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में अपने रालेगण सिद्धि गांव में रिपोर्टरों से बात करते उन्होंने रविवार को कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से खेती करने वालों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने मुद्दों को हल करने के लिए कुछ नहीं किया है।

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    Farmers Protests: Anna Hazare किसानों के समर्थन में Delhi में करेंगे प्रदर्शन | वनइंडिया हिंदी
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    83 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा, 'सरकार केवल खोखले वादे करती है जिसकी वजह से मेरा उसपर (सरकार पर) कोई भरोसा नहीं बचा है... देखते हैं, सरकार मेरी मांगों पर क्या कदम उठाती है। उन्होंने एक महीने का समय मांगा है, तो उन्हें जनवरी के अंत तक का समय दिया है। अगर मेरी मांगों को नहीं माना गया, तो मैं भूख हड़ताल शुरू कर दूंगा। जो मेरा अंतिम प्रदर्शन होगा।' इससे पहले 14 दिसंबर को अन्ना हजारे ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखते हुए चेतावनी दी थी कि अगर एमएस स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करना और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्तता प्रदान करने संबंधी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल करेंगे।

    हाल ही में भाजपा नेता और पूर्व महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर हरिबाऊ बागाडे ने अन्ना हजारे से मुलाकात कर उन्हें केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों की बारीकी समझाई थी। किसान संगठनों ने जब 8 दिसंबर को कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए भारत बंद बुलाया था, तब अन्ना हजारे ने एक दिन का उपवास रखा था। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में देश के विभिन्न राज्यों के किसान दिल्ली में बीते करीब एक महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन कानूनों को सितंबर महीने में अधिनियमित किया गया था। सरकार ने कानूनों को लेकर दावा किया है कि इससे कृषि क्षेत्र में सुधार होगा और मध्यस्थों की भूमिका कम होगी। जिससे किसान देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकते हैं।

    किसानों का मानना है कि इन कानूनों से जो एमएसपी मिल रही है, वो भी कमजोर पड़ जाएगा और मंडी प्रणाली भी एक समय बाद खत्म हो जाएगी, जिससे वह बड़ी कंपनियों की दया पर मोहताज हो जाएंगे। हालांकि केंद्र सरकार ने बार-बार दोहराते हुए कहा है कि एमएसपी और मंडी प्रणाली पहले की तरह ही बने रहेंगे।

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