नोटबंदी का सुझाव देने वाले शख्स ने PM मोदी पर निकाला गुस्सा, कहा- फैसला लागू करने में हुई मनमानी
अर्थक्रांति के फाउंडर अनिल बोकिल ने कहा कि उन्होंने जुलाई में हुई मीटिंग नें सरकार को अपने प्रेजेंटेशन में पांच प्वाइंट बताए थे कि किस तरह फैसले को लागू किया जाए लेकिन सरकार ने उनमें से सिर्फ दो ही प्
नई दिल्ली। कालाधन बाहर लाने के लिए केंद्र सरकार को नोटबंदी का सुझाव देने वाले अनिल बोकिल ने फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मनमाने ढंग से फैसला लागू किया है और इसके लिए जो चीजें तय हुई थीं उन्हें पूरी तरह नहीं लिया गया।

अर्थक्रांति के फाउंडर अनिल बोकिल ने कहा कि उन्होंने जुलाई में हुई मीटिंग नें सरकार को अपने प्रेजेंटेशन में पांच प्वाइंट बताए थे कि किस तरह फैसले को लागू किया जाए लेकिन सरकार ने उनमें से सिर्फ दो ही प्वाइंट उठाए। इसकी वजह से यह फैसला लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। उन्होंने कहा कि अब हालात यह हैं कि न तो फैसला पूरी तरह लागू रखने की स्थिति है और न ही इसे खारिज किया जा सकता।
मोदी सरकार ने नहीं फॉलो किया रोडमैप
उन्होंने कहा कि उनके संस्थान ने मोदी सरकार को जो रोडमैप दिया था उसके तहत किसी तरह कि परेशानी नहीं आने वाली थी। उनके प्रस्ताव में राज्यों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगाए गए टैक्स हटाना, बैंक ट्रांजेक्शन टैक्स शुरू करना और कैश निकालने पर टैक्स न लेना, ट्रांजेक्शन और नोटबंदी के लिए बड़ी करंसी पर लीगल लिमिट तय करना।
16 साल की योजना सरकार ने की फेल
बोकिल ने कहा कि इस प्रस्ताव पर उनका संस्थान बीते 16 सालों से काम कर रहा था। इसकी स्थापना 2000 में हुई थी। उनकी 16 सदस्यीय टीम ने दावा किया था कि अगर प्लान को पूरी तरह लागू किया तो कोई भी परेशानी नहीं आएगी।
बोकिल ने यह भी कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले नोटबंदी का आइडिया प्रधानमंत्री मोदी को कई अन्य सुझावों के साथ ही दिया गया था। तब उनकी मीटिंग करीब 2 घंटे चली थी।












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