Andhra: नाराज YSRCP एमएलए एमएस बाबू का सीएम जगन पर निशाना, बोले- दलित नेता किए जा रहे दरकिनार
Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल वाईएसआरसीपी, कांग्रेस, टीडीपी और भाजपा समेत अन्य दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच दावा किया जा रहा है कि वाईएसआरसीपी अपने कुछ मौजूदा विधायकों की सीटों पर कैंडिडेट्स में बदलाव कर सकती है। वहीं पार्टी नेता ने स्थानीय स्तर पर चुनाव अभियानों में तेजी लाने के लिए संगठन को मजबूती देने में जुटे हैं। इस बीच वाईएसआरसीपी विधायक एमएस बाबू ने सीएम केसीआर को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि पार्टी दलित समाज को दरकिनार करना चाहती है।
पुथलपट्टू से वाईएसआरसीपी विधायक एमएस बाबू ने आरोप लगाया है कि सीएम जगन इस बार चुनाव में अनुसूचित जाति के नेताओं को दरकिनार कर रह रहे हैं। दरअसल, दिसंबर 2023 में वाईएसआरसीपी ने विधानसभा क्षेत्रों में 11 प्रभारियों की नियुक्ति की थी। इसके बाद सीएम जगन ने मंगलवार (2 जनवरी) को विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के लिए 27 समन्वयक भी नियुक्त किए। तीन एससी-आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में विधानसभा की नई जारी सूची में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
इस बीच वाईएसआरसीपी विधायक बाबू ने अपने क्षेत्र को लेकर राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी की ओर कराए गए सर्वे को आधारहीन बताया है। वाईएसआरसीपी नेता ने मांग की कि विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की मजबूती के लिए अलग से अभियान की आवश्यकता है।

एमएलएल बाबू ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "अन्य जातियों के वाईएसआरसीपी विधायक जिनके हारने की संभावना है, उन्हें बर्खास्त नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, दलित विधायकों को ही किनारे कर दिया गया है। हालांकि जगन मोहन रेड्डी पिछले पांच वर्षों से दावा कर रहे हैं कि वह दलितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन वास्तव में, पार्टी में उनके लिए कोई न्याय नहीं है।"












Click it and Unblock the Notifications