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Lok Sabha Chunav 2024: उमर, महबूबा ने किस मुद्दे पर मिलाया हाथ? एक सुर में चुनाव आयोग से की अपील

Jammu and Kashmir Lok Sabha Election 2024: नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने चुनाव आयोग से एक सुर में अपील की है कि अनंतनाग-राजौरी लोकसभा का चुनाव किसी भी सूरत में नहीं टाला जाए।

दरअसल, मुख्य सचिव अटल डुल्ली और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कुछ पार्टियों और तीन उम्मीदवारों ने अनंतनाग-राजौरी लोकसभा क्षेत्र का चुनाव मुगल रोड में बर्फबारी समेत मौसम की विपरीत परिस्थितियों की वजह से आगे खिसकाने की मांग की है। इसपर चुनाव आयोग ने इन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

omar abdullah mehbooba mufti

अनंतनाग-राजौरी में न टले चुनाव- उमर अब्दुल्ला
शुक्रवार को पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं चुनाव आयोग से अपील करता हूं कि इस तरह के कदम नहीं उठाने चाहिए। चुनाव टालने की मांग सभी पार्टियों की ओर से नहीं की गई है। अजीब बात ये है कि कुछ ऐसे लोगों ने चुनाव आयोग को लिखा है, जो कि चुनाव भी नहीं लड़ रहे हैं। जैसे कि हम चुनाव आयोग को तमिलनाडु के चुनाव क्षेत्रों के लिए लिखें। क्या वो संज्ञान लेंगे।'

वे लोग लोग चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रहे हैं- महबूबा
पुंछ जिले के सूरनकोट में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'वे सारे मेरे खिलाफ एकजुट हो गए हैं, वो मुझे संसद में नहीं देखना चाहते हैं। लोग सभी धार्मिक और पार्टी लाइन तोड़कर मेरे समर्थन में आ रहे हैं और इसलिए वे लोग लोग चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि इसे टालें और चुनावी धांधली कर सकें।'

चुनाव टालने के गंभीर परिणाम होंगे- पीडीपी चीफ
महबूबा ने दावा किया कि वह मुगल रोड से होकर गुजरी हैं, जिसे हाल ही में ट्रैपिक के लिए खोला है। उन्होंने कहा, 'अनंतनाग-राजौरी सीट पर मतदान टालने का कोई मतलब नहीं है। मेरी चुनाव आयोग से गुजारिश है कि जब मतदान में सिर्फ 10 दिन रह गए हैं, इसे न टाला जाए। इससे गलत संदेश जाएगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे।'

आतंकवाद शुरू होने तक की महबूबा दिला गईं याद
महबूबा ने इतिहास की घटनाओं का हवाला देते हुए कई बेहद ही गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने 1987 के विधानसभा चुनाव में कथित धांधली का हवाला दिया है, जिसके बाद वहां आतंकवाद शुरू हुआ था।

चुनावी प्रक्रिया में बहुत कम भरोसा बचा है- मुफ्ती
उन्होंने कहा, 'हम चुनाव आयोग से गुजारिश करते हैं कि वह ऐसा जोखिम न उठाए, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में लोगों को पहले ही बहुत नुकसान उठाना पड़ा है और चुनावी प्रक्रिया में उनका बहुत कम भरोसा बचा है।'

महबूबा ने बीजेपी पर लगाया चुनाव टलवाने की कोशिश का आरोप
वो बोलीं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल किले की प्राचीर से जम्मू-कश्मीर के लोगों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का आश्वासन दिया था और 'वे (बीजेपी) फिर से इसे दागदार बनाने की कोशिश कर रहे हैं...आपने पहले ही जम्मू-कश्मीर के लोगों के पास एक वोट के अलावा कुछ नहीं छोड़ा है।'

1987 दोहराने की कोशिश कर रहे हैं- महबूबा
मुफ्ती ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि 'आप 1987 दोहराने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने रक्तपात किया और घाटी को कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया।' महबूबा ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही अपने पक्ष में चुनावी धांधली की कोशिश के तहत परिसीमन का इस्तेमाल किया और अनंतनाग संसदीय क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया।

'चुनाव में धांधली के लिए पीर पंजाल के दोनों हिस्सों को जोड़ा'
पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर की सीएम ने कहा कि 'क्या उन्हें यह पता नहीं है कि मुगल रोड परंपरागत रूप से 6 महीने बंद रहता है, लेकिन उन्होंने सिर्फ चुनाव में धांधली के लिए पीर पंजाल के दोनों हिस्सों को जोड़ दिया।'

उनका दावा है कि बीजेपी के पास बहुत पैसा है और जिसका वो समर्थन कर रहे हैं, उनके लिए हेलीकॉप्टर लगा देंगे। उनके मुताबिक, 'हमारी पार्टी ही ऐसी है, जिसके पास संसाधनों की कमी है और हमारे कार्यकर्ता पिछले 25 दिनों से अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं और अगर चुनाव टलता है तो हम इस तरह से अगले 20 दिनों तक इसे जारी नहीं रख सकते।'

चुनाव आयोग के फैसले का करेंगे पालन- बीजेपी
वहीं जब अनंतनाग-राजौरी सीट पर चुनाव टलने की अटकलों को लेकर केंद्रीय मंत्री और जम्मू से बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह से पूछा गया तो वे बोले चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और वह अनंतनाग-राजौरी के संबंध में जो भी फैसला लेगा, बीजेपी उसका पालन करेगी।

अनंतनाग-राजौरी सीट पर तीसरे चरण में 7 मई को चुनाव होने हैं। यहां पीडीपी से महबूबा के अलावा 21 उम्मीदवार मैदान में है। महबूबा की सबसे बड़ी चुनौती नेशनल कांफ्रेंस है, जिससे पूर्व मंत्री मियां अल्ताफ चुनाव मैदान में हैं।

बीजेपी अनंतनाग-राजौरी सीट पर नहीं लड़ रही है चुनाव
इनके अलावा डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) से मोहम्मद सलीम पर्रे और अपनी पार्टी के जफर इकबाल मनहास भी मैदान में हैं। बीजेपी ने यहां कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है और वह कांग्रेस समर्थित नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी को छोड़कर किसी एक उम्मीदवार को समर्थन देने पर विचार कर रही है।

अनंतनाग-राजौरी में किन लोगों ने की है चुनाव टालने की मांग?
जिन लोगों ने चुनाव आयोग तक मतदान को आगे की तारीख तक टालने की मांग रखी है, उनमें जम्मू कश्मीर में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना, अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी, डीपीएपी उम्मीदवार, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता इमरान रेजा अंसारी और दो निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।

हार की डर से बीजेपी और उसकी 'बी टीम' पहुंची है चुनाव आयोग-कांग्रेस
वहीं जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने दावा किया है की बीजेपी और उसकी 'बी-टीम' इंडिया ब्लॉक से अपनी 'निश्चित हार' के डर से चुनाव आयोग पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि 'मैं बीजेपी और इसकी ए,बी,सी,डी टीम के हालिया कदमों से हैरान नहीं हूं। उन्होंने एक बार फिर से नागपुर के 'बिग बॉस' के निर्देश पर इकट्ठा होकर मुझे सही साबित कर दिया है। वे जानते हैं कि राजौरी-अनंतनाग संसदीय सीट पर उन्हें बड़ी हार का सामना करना होगा, क्योंकि इंडिया ब्लॉक बहुत बड़े अंतर से यहां जीत रहा है।' (इनपुट-पीटीआई)

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