अमशीपोरा मुठभेड़ मामले में दोषी सेना के कैप्टन को राहत, उम्रकैद की सजा पर लगी रोक
साल 2020 जुलाई में दक्षिण कश्मीर के अमशीपोरा गांव में 'योजनाबद्ध' हुई मुठभेड़ मामले में सोमवार को आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल ने बड़ी राहत दी है। मामले में तीन लोगों की हत्या के दोषी पाए गए सेना के एक कैप्टन की उम्रकैद की सजा को न्यायाधिकरण ने निलंबित कर दी है।
ट्रिब्यूनल ने कैप्टन भूपेन्द्र सिंह को सशर्त जमानत भी दे दी और उन्हें अगले साल जनवरी से शुरू होने वाले हर महीने के पहले सोमवार को अपने प्रमुख रजिस्ट्रार के सामने पेश होने का निर्देश दिया।

हालांकि, कैप्टन सिंह के वकील मेजर (सेवानिवृत्त) सुधांशु एस पांडे ने मामले का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि यह अभी भी विचाराधीन है। फिलहाल, उन्होंने जमानत दिए जाने की पुष्टि की और कहा कि बचाव पक्ष का रुख, जिसे समरी जनरल कोर्ट मार्शल (एसजीसीएम) ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था, सही साबित हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि मामला 18 जुलाई, 2020 का है। अमशीपोरा गांव में मुठभेड़ हुई। जिसमें राजौरी जिले के तीन लोग इम्तियाज अहमद, अबरार अहमद और मोहम्मद इबरार मारे गए और उन्हें आतंकवादी करार दिया गया।












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