संसद में अमित शाह का पहला दिन, जानिए बैठने के लिए कौन सी सीट मिली?
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह पहली बार आज संसद पहुंचे, राज्यसभा के सदस्य के तौर पर आज शाह संसद पहुंचे और उनकी सदन में उपस्थिति की हर तरफ चर्चा का विषय रही। अमित शाह को राज्यसभा में पहली सीट बैठने की जगह मिली जोकि ठीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के बगल में है। शीतकालीन सत्र के पहले दिन अमित शाह के बगल में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान, रविशंकर प्रसाद बैठे थे। अमित शाह को अगस्त माह में राज्यसभा का सदस्य चुना गया था, वह आज सदन शुरू होने से महज कुछ मिनट पहले ही सदन पहुंचे।

पीएम मोदी के बगल में मिली सीट
जिस सीट पर अमित शाह बैठे थे वह ट्रेजरी बेंच थी, जिसपर शाह के साथ कई मंत्री बैठे थे और सभी ने उनका सदन में स्वागत किया था, जिनका अमित शाह ने हाथ जोड़कर धन्यवाद किया। जिसके बाद वह सीधे अपने लिए तय की गई सीट पर बैठ गए, जोकि सदन में पहली ही सीट थी। शाह की सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के आवंटित सीट के दायीं ओर है। आपको बता दें कि राज्यसभा सदस्य अर्धवृत्ताकार सदन में बैठते हैं, जिसे छह ब्लॉक में बांटा गया है।

कई लोगों ने किया स्वागत
सदन में सत्ता पक्ष एक तरफ बैठता है जबकि विपक्ष दूसरी तरफ, वहीं मुख्य विपक्षी दल सदन के सबसे बायीं ओर बैठता है। पीएम मोदी और अरुण जेटली की सीट पहली ही पंक्ति में है, उनके बगल में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान, थावर चंद गहलोत और रामविलास पासवान बैठते हैं, लेकिन अब इसी सीट पर अमित शाह को बैठने की जगह मिली है। जब अमित शाह सदन के भीतर आए तो उनके साथ केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, प्रकाश जावडेकर, स्मृति ईरानी भी साथ थी और इन लोगों ने उनका ताली बजाकर स्वागत किया, जिसके बाद वह सीट पर आकर बैठे और उनका कई सदस्यों ने उनकी सीट पर आकर स्वागत किया।

वेंकैया नायडू के लिए आवंटित थी सीट
जो सीट अमित शाह को आवंटित की गई है वह पहले वेंकैया नायडू के लिए आवंटित थी, लेकिन वेंकैया नायडू के उपराष्ट्पति बनने के बाद से यह सीट खाली हो गई है, जिसे शाह को आवंटित किया गया है। वेंकैया नायडू अगस्त माह में उपराष्ट्रपति बने हैं। पहली पंक्ति जो शाह को आवंटित की गई है उसके बगल में आईएडीएमके और टीएमसी के नेताओं की सीट है, जबकि अगले ब्लॉक क में सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी, शरद यादव व मायावती के लिए आवंटित थी, लेकिन पिछले सत्र के बाद अब ये सभी नेता सदन के सदस्य नहीं हैं।
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