चीन के विदेशी मंत्री मिले भारत की विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज से

सात सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए वांग सोमवार को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उधर, वांग के इस दौरे के खिलाफ तिब्बती शरणार्थियों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया।
सूत्रों ने बताया कि वांग ने सुषमा को चीन आने का न्योता दिया है। वांग जब मोदी से मिलेंगे तो उन्हें भी चीन आने का न्योता दे सकते हैं।
सुषमा और वांग के बीच बैठक में व्यापार और निवेश का मुद्दा मुख्य तौर पर उठा। दोनों ने उन उपायों पर बात की जिसके जरिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ाया जा सकता है।
वांग के दो दिवसीय भारत दौरे का मुख्य मकसद नई सरकार के साथ सामंजस्य स्थापित करना बताया जा रहा है। नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री बनने के बाद पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर करने के संकेत दिए थे।
भारत और चीन के बीच नए संबंधों की रूपरेखा तय करने और द्विपक्षीय विकास की उम्मीद के मद्देनजर वांग के भारत दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।
चीन के राष्ट्रपति झी जीपिंग के दूत के तौर पर वांग यी की औपचारिक मुलाकात मोदी और राष्ट्रपति के अलावा सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य भारतीय अधिकारियों से भी होने की उम्मीद है।
61 वर्षीय वांग यी अनुभवी राजनयिक हैं। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यह पहली औपचारिक मुलाकात थी।
इससे पहले मोदी द्वारा प्रधानमंत्री पद का शपथ लेने के बाद चीन के प्रधानमंत्री ने फोन पर मोदी से बातचीत की थी।












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