Farmers Protest के बीच अडानी ग्रुप ने दी सफाई, 'हम नहीं खरीदते किसानों से अनाज'
नई दिल्ली। किसानों के प्रदर्शन के बीच लगातार अपना नाम लिए जाने से अडानी ग्रुप की परेशानी बढ़ गई है। आज बुधवार को अडानी ग्रुप ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि वह देश में किसानों से अनाज नहीं खरीदता है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने आज बुधवार को अडानी और अंबानी ग्रुप के उत्पादों का बहिष्कार करने का ऐलान किया था।

अडानी ग्रुप ने अपनी सफाई में कहा कि "वह किसानों से न तो खाद्यान्न खरीदता है न ही वह अनाज की कीमत निर्धारित करता है।" पोर्ट टू एनर्जी समूह के मुताबिक वह केवल भारतीय खाद्यान्न निगम के लिए अनाज गोदाम को विकसित और संचालित करता है।
समूह ने कहा "कंपनी की अनाज के भंडारण की मात्रा और मूल्य निर्धारण में कोई भूमिका नहीं होती है। यह केवल FCI के लिए एक सेवा / बुनियादी ढांचा प्रदान करता है।"
एफसीआई खरीदती है खाद्यान्न
एफसीआई किसानों से खाद्यान्न खरीदता है और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के द्वारा बनाए गए गोदामों में इकठ्ठा करता है। खाद्यान्न के निर्माण और भंडारण के लिए एक शुल्क का भुगतान किया जाता है। कमोडिटी के स्वामित्व के साथ-साथ इसके वितरण के सभी अधिकार एफसीआई के पास होते हैं।
किसानों ने किया है बहिष्कार का ऐलान
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों की संख्या में किसान दिल्ली-हरियाणा से लगे सिंघु बॉर्डर पर पिछले 12 दिनों से बैठे हुए हैं। इन किसानों की मांग है कि सरकार तीनों कृषि कानून वापस ले। इस बीच सरकार और किसानों के बीच 5 दौर की बातचीत बेनतीजा होने के बाद मंगलवार को किसान गृहमंत्री अमित शाह से मिले थे। बुधवार को केंद्र सरकार ने लिखित प्रस्ताव भेजा जिसे किसानों की बैठक में नामंजूर कर दिया गया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों ने आगे की योजना का ऐलान कर दिया। इनमें प्रमुख रूप से अडानी-अंबानी के उत्पादों का बहिष्कार शामिल था।












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