‘हम भारत के साथ हैं’, African Union ने दिखाई एकजुटता, आतंकवाद के खिलाफ भारत की कुटनीतिक जीत
All Party Indian Delegation : भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और अहम समर्थन मिला है। सुप्रीया सुले के नेतृत्व में भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में हैं। यहां पर भारतीय डेलिगेट्स ने अफ्रीकी यूनियन की सुरक्षा परिषद की शांति समिति के प्रमुख बिली विंटर से मुलाकात की।
इस दौरान बिली विंटर ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि अफ्रीका और भारत दोनों ही लंबे समय से इस वैश्विक खतरे से जूझ रहे हैं और अब समय आ गया है कि दोनों मिलकर इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।

African Union ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दिया समर्थन
न्यूज एजेंसी एएनआई से विशेष बातचीत में बिली विंटर ने कहा, "हम इस कठिन घड़ी में भारत के साथ हैं। अफ्रीकी यूनियन आयोग के रूप में, हम आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हैं चाहे वह अफ्रीकी महाद्वीप पर हो, वैश्विक स्तर पर या भारतीय उपमहाद्वीप में। हमने भारत के बहु-पक्षीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी साझा चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने भी हमें अपनी रणनीतियों से अवगत कराया और इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।"
विंटर ने भारत की नई आतंकवाद विरोधी रणनीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रत्येक संप्रभु राष्ट्र को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई का अधिकार है।
उन्होंने कहा, "हमें बताया गया कि भारत की नई आतंकवाद विरोधी नीति कहती है कि यदि कोई भी आतंकवादी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हो, लेकिन वह भारत की जमीन पर हमला करता है, तो भारत को उसका जवाब देने का अधिकार है। यह पूरी तरह से वैध है, क्योंकि यह हर संप्रभु राष्ट्र का अधिकार है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी जनता की सुरक्षा करे।"
आतंकवाद पर अफ्रीकी यूनियन की सक्रिय पहलें
बिली विंटर ने अफ्रीकी यूनियन द्वारा आतंकवाद से निपटने के लिए उठाए गए कई कदमों का भी उल्लेख किया, जिनमें 'नॉच कोर्ट प्रक्रिया', 'जिबूती प्रक्रिया', अल्जीयर्स में 'काउंटर टेररिज्म सेंटर' और युगांडा के एंटेबे में 'सूचना साझाकरण केंद्र' शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी पहलें सहयोगी देशों के साथ इंटेलिजेंस और जानकारी साझा करने के लिए बनाई गई हैं।
यह बयान उस समय आया जब एनसीपी-एससीपी की सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अदीस अबाबा स्थित अफ्रीकी यूनियन मुख्यालय में पीस एंड सिक्योरिटी काउंसिल से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य भारत के आतंकवाद विरोधी संकल्प को वैश्विक मंच पर उजागर करना और अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त करना था।
Operation Sindoor भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई
भारत सरकार ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की थी, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई सैन्य कार्रवाई थी। उस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। भारत की सेना ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है।
इनमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के सदस्य शामिल थे। इसके जवाब में पाकिस्तान ने एलओसी और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में गोलाबारी और ड्रोन हमले किए, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर रडार, संचार केंद्रों और हवाई ठिकानों को निशाना बनाया।
इन घटनाओं के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर सहमति की घोषणा की गई। हालांकि हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अफ्रीकी यूनियन जैसे संगठनों से मिल रहे समर्थन से उसकी स्थिति मजबूत हुई है।












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