कश्मीर के 10 जिलों में कर्फ्यू, ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर
श्रीनगर। बीते 26 सालों में ऐसा पहली बार होगा कि ईद के मौक पर कश्मीर घाटी के सभी 10 जिलों में कर्फ्यू लगाया जाएगा। मंगलवार को किसी तरह की हिंसा से बचने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।

जुलाई में आतंकी बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में हिंसा भड़की हुई है। किसी तरह की हिंसा से निपटने के लिए सेना को अलर्ट रखा गया है। बीते दो महीनों से जारी हिंसा में अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है।
आधी रात के बाद से लगा कर्फ्यू
ईद के मद्देनजर शांति बनाए रखने के उद्देश्य से आधी रात के बाद से घाटी के सभी जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सेना की टुकड़ियों को खासकर उन इलाकों में तैनात किया गया है जहां अब तक हिंसा की ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने प्रतिबंध इसलिए लगाए हैं क्योंकि अलगाववादी नेताओं ने इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय ऑफिस तक मार्च का ऐलान किया है।
ड्रोन के जरिए रहेगी चप्पे-चप्पे पर नजर
बताया जा रहा है कि साल 1990 के बाद से शायद ऐसा पहली बार हो रहा है कि ईद के मौके पर घाटी में कर्फ्यू लगाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से हेलीकॉप्टर और ड्रोन के जरिए सुरक्षाबल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। अलगाववादियों की ओर से की जाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में सुरक्षाबल सड़कों पर होंगे।
बीते 26 सालों में ऐसा पहली बार होगा कि ईद के मौके पर ईदगाह और हजरतबल श्राइन में नमाज नहीं होगी। हालांकि दूसरी स्थानीय मस्जिदों में नमाज की छूट होगी।
इंटरनेट और मोबाइल पर पाबंदी
सरकार ने किसी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए अगले 72 घंटों के लिए इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि बीएसएनएल की सेवाएं जारी रहेंगी। बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा पर रोक रहेगी।
विपक्षी पार्टी ने की फैसले की निंदा
राज्य सरकार के इस फैसले पर विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती हालात काबू कर पाने में नाकाम हैं। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि ईद के मौके पर कर्फ्यू लगाया जाना पूरी तरह गलत है।












Click it and Unblock the Notifications