आलिया भट्ट भी करीना की तरह तोड़ेंगी कपूर ख़ानदान का ये रिवाज

आलिया भट्ट
AFP
आलिया भट्ट

हिंदी फ़िल्म जगत में काफ़ी संघर्षों के बाद कुछ ही अभिनेत्रियों को अपना मुक़ाम हासिल करने का मौक़ा मिलता है. दूसरी ओर ऐसी भी कई अभिनेत्रियां हैं, जिन्हें ढेर सारा पैसा, प्यार और शोहरत तो मिला, लेकिन शादी और बच्चा होते ही उन्हें अपना शानदार करियर छोड़कर फ़िल्मों से दूरी बनाने को मजबूर होना पड़ा.

70 के दशक से हम वहीदा रहमान, मुमताज़, नूतन, नीतू कपूर, सायरा बानो जैसी कई अभिनेत्रियों को देख रहे हैं. बाद में भी यही ट्रेंड कायम रहा. ऐसी अभिनेत्रियों को शादी के बंधन में बंधते ही अपने सपनों और अरमानों को बक्से में बंद कर घर की ज़िम्मेदारियां संभालनी पड़ी.

बॉलीवुड में कपूर परिवार की भी परंपरा रही है कि शादी के बाद उनके घर की हीरोइनों को फ़िल्मों को अलविदा कहना पड़ा. फिर चाहे वो बबीता हों या नीतू कपूर.

हालाँकि इस ट्रेंड को तोड़ने में अकेली करीना कपूर कामयाब रहीं. उन्होंने शादी के बाद भी कई बड़ी फ़िल्मों में काम किया. वो आज दो बच्चों की मां हैं, फिर भी वो लगभग सभी फ़िल्मों में लीड रोल कर रही हैं.

रणबीर कपूर और आलिया भट्ट
Madhu & Supriya/BBC
रणबीर कपूर और आलिया भट्ट

रणबीर और आलिया लाएंगे नए बदलाव

करीना कपूर की तरह ही उनके चचेरे भाई रणबीर कपूर भी नई सोच के साथ एक नया ट्रेंड सेट करने को तैयार हैं. इस मामले में वो अब नए बदलाव की बात कर रहे हैं.

बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में अभिनेता रणबीर कपूर कहते हैं, ''शादी के बाद परिवार और बच्चों को संभालने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ औरतों के ही कंधे पर क्यों? पुरुषों को भी इस ज़िम्मेदारी का एहसास होना ज़रूरी है और मैं इसके लिए तैयार हूं.''

वो बताते हैं कि शादी और बच्चा होने के बाद पुरुष तो लगातार अभिनय करते रहते हैं, उनकी ज़िंदगी नहीं रुकती, लेकिन नुक़सान तो केवल अभिनेत्रियों को ही होता है.

रणबीर कपूर कहते हैं, ''मैं बहुत ख़ुशनसीब हूं कि आलिया भट्ट मेरी पत्नी है. हम दोनों एक दूसरे का सम्मान करते हैं. एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं. आने वाले दिनों में हमारा भविष्य काफ़ी ख़ूबसूरत है. मैं जानता हूं कि आलिया बहुत मेहनती है, जिसने इतने कम उम्र में इतना बड़ा मुक़ाम हासिल किया है.''

वो आगे बताते हैं, ''मुझे ये भी पता है कि कई लोग ऐसा बोल रहे हैं कि आलिया अपने करियर की बुलंदी पर होने के बावजूद मां बन रही हैं. हालांकि आलिया के दिमाग़ में कभी नहीं आया कि वो बहुत लोकप्रिय है तो इसके लिए अभी न सोचें.''

उनके अनुसार, ''बच्चा होना बहुत ही प्राकृतिक चीज़ है. ये भगवान का दिया हुआ तोहफ़ा है और मैं समझता हूं कि अब ज़माना बदल गया है. आलिया जितनी मेहनत से अपना काम करती रही है, आगे भी वो वैसे ही मेहनत करती रहेगी. इससे किसी तरह की रुकावट नहीं होगी.''

रणबीर कपूर का कहना है कि कभी आलिया बच्चे की देखरेख का ज़िम्मा संभालेंगी, तो कभी वो ख़ुद. उनके अनुसार, वो तैयार हैं बच्चे की देखरेख का ज़िम्मा संभालने को.

वो कहते हैं, ''मैं भी काम से छुट्टी ले सकता हूं अपने बच्चे को पालने के लिए. ऐसा बिल्कुल नहीं है कि अब आलिया मां बन रही है, तो उसका काम कम महत्वपूर्ण रह जाएगा. ऐसा अब नहीं होगा.''

रणबीर कपूर ने ज़ोर देकर कहा, ''जो क़ुर्बानी मेरी मां ने दी, अब वो मेरी पत्नी आलिया को नहीं देनी होगी, क्योंकि आज की ऑडियंस बहुत समझदार है.''

'हीरोइनें अब सिर्फ़ अर्धांगिनी बनकर नहीं रहतीं'

जाने माने फ़िल्म समीक्षक और पत्रकार रामचंद्रन श्रीनिवासन भी मानते हैं कि ज़माना अब बदल गया है.

बीबीसी हिंदी से वो कहते हैं, ''हिंदी फ़िल्मों में अक्सर देखा जाता है कि हीरोइन को अपने हीरो से शादी करने के लिए बहुत जूझना पड़ता है. अक्सर फ़िल्म का आख़िरी सीन शादी का ही होता है. जब लड़का और लड़की दोनों की शादी हो जाती, तो उस सीन के साथ ही फ़िल्म भी ख़त्म हो जाती है. इसे हम 'हैप्पी एंडिंग' कहते हैं.''

''यदि आप पहले की हीरोइनों को देखें, तो असल ज़िंदगी में भी उनका फ़िल्मी करियर, शादी वाले उस सीन की ही तरह शादी के बाद ख़त्म हो जाया करता था. वो एक ट्रेंड सा बन गया था, लेकिन आज के दौर में बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है.''

उनके अनुसार, ''यदि सोशल मीडिया को देखेंगे, तो पाएंगे कि बहुत सी हीरोइनें अपने पार्टनर के साथ मिलकर अब पोस्ट डालते रहते हैं कि वे दोनों माता-पिता बनने जा रहे हैं. ऐसा नहीं कि सिर्फ़ अभिनेत्री ही लिखती है कि 'मैं मां बन रही हूं.' पहले ऐसा नहीं था.''

'कपूर ख़ानदान में बहुओं का काम करना नया ट्रेंड'

पहले के ज़माने का ज़िक्र करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामचंद्रन श्रीनिवासन ने कहा कि उनसे कभी सायरा बानो ने हीरोइनों की मजबूरियों के बारे में बताया था.

वो कहते हैं, ''एक बार सायरा बानो जी ने बताया था कि शादी के बाद वो भी रेगुलर शूटिंग करती थीं. एक दिन उन्हें अहसास हुआ कि यूसुफ़ साहब (दिलीप कुमार) से उनकी मुलाक़ात अक्सर एयरपोर्ट पर ही होती थी, घर पर मुलाक़ात नहीं हो पाती थी. इसीलिए उस वक़्त उन्हें लगा कि एक्टिंग छोड़ देनी चाहिए और घर पर रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें दिलीप साहब ने कभी कोई काम करने से नहीं रोका.''

सायरा बानो और दिलीप कुमार
@THEDILIPKUMAR
सायरा बानो और दिलीप कुमार

लेकिन कपूर ख़ानदान में पिछले कुछ समय में आए बदलाव के बारे में रामचंद्रन श्रीनिवासन कहते हैं, ''सायरा बानो की तरह कपूर ख़ानदान की भी सभी बहुओं ने काम करना बंद कर दिया. बहुत बाद में जाकर नीतू कपूर ने फिर से काम करना शुरू किया. अब उसी ख़ानदान की बहू आलिया भी काम जारी रखे हुए तो यह इस परिवार के लिए और बाक़ी लोगों के लिए भी बहुत बड़ा बदलाव है. ''

वो कहते हैं कि करीना ने भी शादी के बाद काम किया लेकिन वह सैफ़ के साथ पटौदी ख़ानदान में रह रही थी, जहां शर्मिला टैगोर ने भी शादी के बाद कुछ समय तक काम किया था.

नीना गुप्ता अपनी बेटी मसाबा के साथ
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नीना गुप्ता अपनी बेटी मसाबा के साथ

'हीरोइनों को कमबैक करना काफ़ी मुश्किल'

कई सालों तक फ़िल्म इंडस्ट्री में ये सोच भी रही कि शादी के बाद उनकी बीवी या बहू किसी और कलाकार के साथ फ़िल्मों में काम न करे.

रामचंद्रन श्रीनिवासन के अनुसार, ''पहले ज़्यादातर लोग पसंद नहीं करते थे कि उनकी पत्नी एक्टिंग करे. पहले के लोग इस पेशे को अच्छा नहीं मानते थे. एक दौर ऐसा भी था जब फ़िल्म इंडस्ट्री इतनी प्रोफ़ेशनल नहीं थी, लेकिन अब वक़्त के साथ यह पेशा और लोगों की सोच दोनों बदली है.''

उनके अनुसार, पहले के समय में तो नीना गुप्ता, मुमताज़, सोनाली बेंद्रे, करिश्मा कपूर जैसी कई हीरोइनों को तो कमबैक करने में बहुत दिक़्क़तें पेश आईं, लेकिन आज ऐसा नहीं है.

वो कहते हैं कि ओटीटी प्लेटफार्म इन महिलाओं के लिए बहुत बड़ा मददगार साबित हुआ है जहाँ 90 के दशक की कई अभिनेत्रियों ने लीड रोल में कमबैक किया है.

ओटीटी पर माधुरी दीक्षित, सोनाली बेंद्रे, करिश्मा कपूर, पूजा भट्ट, रवीना टंडन और शिल्पा शेट्टी जैसी अभिनेत्रियों ने कमबैक किया है.

'शादी या बच्चे की ख़बर बताने में अब डर नहीं'

श्रीनिवासन पहले के ज़माने में नरगिस को अपवाद बताते हैं जिन्हें शादी के बाद भी लीड रोल और बड़े अभिनेताओं के साथ काम करने के मौक़े मिले थे.

वे कहते हैं, ''नरगिस ऐसी अभिनेत्री थीं, जिन्होंने शादी के बाद भी बहुत सालों तक काम किया था. वो राजकपूर और कई दूसरे बड़े अभिनेताओं के साथ काम करती रहीं.''

श्रीनिवासन कहते हैं कि आज की महिलाएं बिना किसी डर के खुलकर इस बारे में बातें कर रही हैं, वहीं ऑडियंस भी उनके इन फ़ैसलों का सम्मान करते हुए बड़ी-बड़ी फ़िल्मों में उन्हें देखना भी पसंद कर रही हैं. उनके अनुसार, शायद यही वजह है कि उन्हें लीड रोल वाली भूमिकाएं मिल रही हैं.

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