Air India प्लेन क्रैश हादसे के 25 दिन बाद सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट, किसे ठहराया 260 मौतों का जिम्मेदार?
Air India Plane Crash Update: एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के अहमदाबाद में हुए भीषण हादसे के 25 दिन बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, यह रिपोर्ट शुरुआती जांच और तथ्यों पर आधारित है, जिसे इस सप्ताह के अंत में सार्वजनिक किया जा सकता है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। प्रारंभिक रिपोर्ट की विषय-वस्तु ज्ञात नहीं है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इससे दुर्घटना के कारणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। आइए जानते हैं विस्तार से....

Air India Plane Crash: कैसे हुआ था हादसा?
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद ही मेहगनिनगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
विमान में सवार 241 लोग, जिनमें 230 यात्री (13 बच्चे, 2 शिशु), 10 केबिन क्रू और 2 पायलट शामिल थे, मारे गए। इसके अलावा, जमीन पर 19 लोगों की मौत हुई और 60 से अधिक घायल हुए। इस हादसे में केवल एक 40 वर्षीय ब्रिटिश यात्री, जो सीट 11A पर आपातकालीन निकास के पास बैठा था, चमत्कारिक रूप से बच निकला। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी भी इस हादसे के शिकार हुए।
जांच में क्या सामने आया?
AAIB, अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), यूके की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच और बोइंग के विशेषज्ञों की संयुक्त जांच चल रही है। जांच के प्रमुख बिंदु: -
- ब्लैक बॉक्स डेटा: दोनों ब्लैक बॉक्स-कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR)-13 और 16 जून को मलबे से बरामद किए गए। 25 जून को दिल्ली में डेटा डाउनलोड किया गया। जांचकर्ता ईंधन स्विच की स्थिति की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पायलटों ने गलती से इंजन बंद किया था।
- दोहरे इंजन विफलता की आशंका: जांच में दोहरे इंजन विफलता पर ध्यान केंद्रित है, क्योंकि विमान 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद तेजी से नीचे गिरा। पायलटों ने टेकऑफ के तुरंत बाद 'मेडे' कॉल जारी की थी, जिसमें कहा गया, 'कोई थ्रस्ट नहीं, लिफ्ट नहीं हो रही।' एयर इंडिया के पायलट 400 फीट से कम ऊंचाई पर ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं।
- सिमुलेशन टेस्ट: एयर इंडिया के पायलटों ने मुंबई में सिमुलेटर पर हादसे के परिदृश्य को दोहराने की कोशिश की, जिसमें लैंडिंग गियर बाहर और विंग फ्लैप्स रिट्रैक्टेड थे। टेस्ट से पता चला कि ये सेटिंग्स अकेले हादसे का कारण नहीं थीं, जिससे तकनीकी खराबी पर शक गहराया।
- सबोटाज की जांच: नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि सबोटाज सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट इस सप्ताह के अंत तक सार्वजनिक हो सकती है, जो हादसे के कारणों पर प्रारंभिक जानकारी देगी। अंतिम रिपोर्ट तीन महीने में आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स डेटा, इंजन मलबे और पायलटों की कार्रवाइयों का विश्लेषण हादसे की असली वजह सामने लाएगा।
एयर इंडिया के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन और सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई और जांच में सहयोग का वादा किया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बोइंग 787 बेड़े की अतिरिक्त तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। यह हादसा भारत के एविएशन इतिहास में सबसे घातक घटनाओं में से एक है, जिसने सुरक्षा मानकों और नियामक प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के खुलासे का इंतजार सभी को है।
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