अग्निपथ योजना पर AAP ने बदला स्टैंड, जानिए केजरीवाल ने क्यों लिया पूर्ण समर्थन का फैसला
नई दिल्ली, 14 सितंबर: आम आदमी पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज सेना में भर्ती की 'अग्निपथ योजना' को लेकर पार्टी का स्टैंड बदलने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी अब इस योजना का पूरा समर्थन करेगी। उनके इस ऐलान के साथ ही पंजाब सरकार ने भी कह दिया है कि सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए उनकी सरकार सैन्य अधिकारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी और प्रशासन के स्तर पर इसमें जरा सी भी खामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जून में इस योजना की घोषणा की थी तो विरोध करने वालों में आम आदमी पार्टी भी शामिल थी।

अग्निपथ योजना का पूरा समर्थन करेगी आम आदमी पार्टी-केजरीवाल
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार अग्निवीरों की भर्ती अभियान के दौरान 'अग्निपथ योजना' योजना का 'पूरा समर्थन' करेगी। केजरावील की ओर से यह स्पष्टीकरण उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा जा रहा था कि पंजाब सरकार भर्ती अभियान का समर्थन नहीं कर रही है।

जानिए केजरीवाल ने क्यों लिया समर्थन करने का फैसला
आम आदमी पार्टी ने शुरू में अग्निपथ योजना की आलोचना की थी और केंद्र सरकार से मांग की थी कि सेना में नौकरी की चाहत रखने वालों को पूरी उम्र देश की सेवा का मौका दे, ना कि सिर्फ चार साल के लिए। फरवरी, 2020 में दूसरी बार आम आदमी सरकार के गठन के बाद अपनी पहली ऑफलाइन प्रेस कांफ्रेंस में केजरीवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'अग्निपथ स्कीम को लेकर हमारा केंद्र के साथ मतभेद था, लेकिन क्योंकि केंद्र ने इसे लागू कर दिया है, हम इसका पूरी तरह से समर्थन करेंगे। हम इस स्कीम और सेना के साथ पूरी तरह से सहयोग करेंगे।'

अग्निपथ योजना को पूर्ण समर्थन देंगे- भगवंत मान
इसके बाद पंजाब में दिल्ली के सीएम के समकक्ष भगवंत मान ने भी स्पष्ट किया है कि अग्निपथ योजना को 'पूर्ण समर्थन' देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने एक ट्वीट में कहा है, 'पंजाब में अग्निवीरों की भर्ती के लिए सेना के अधिकारियों को पूरा समर्थन उपलब्ध करवाने के लिए सभी डिप्टी कमीश्नरों को निर्देश दिया जा चुका है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा। राज्य से सेना में अधिक से अधिक उम्मीदवारों की भर्ती के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।'

क्या है अग्निपथ योजना ?
बता दें कि 'अग्निपथ योजना' केंद्र सरकार की ओर से इसी साल 14 जून को घोषित की गई थी। इसके तहते साढ़े 17 साल से लेकर 21 साल की उम्र के युवाओं को थल सेना, नौसेना और वायु सेना में 4 वर्ष के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। जब इस योजना की घोषणा की गई थी, तो ज्यादातर विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था और देश भर में हिंसक प्रदर्शन किए गए थे।

क्यों हो रहा था विरोध ?
प्रदर्शनकारियों ने सबसे ज्यादा ट्रेनों को निशाना बनाया था और कई रेल गाड़ियां फूंक दी थीं। सबसे भयानक हिंसा तेलंगाना के सिकंदराबाद स्टेशन पर देखने को मिली थी। बिहार में भी ट्रेनों को जमकर निशाना बनाया गया था। वह अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल सिर्फ 4 साल रखे जाने के खिलाफ थे। लेकिन, जब भर्ती अभियान शुरू हुआ तो उम्मीदवारों की कतारें भी लगनी शुरू हो गईं।












Click it and Unblock the Notifications