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किसान आंदोलन को 11 महीने पूरे, संयुक्‍त मोर्चे का देशव्यापी प्रदर्शन आज

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को आज, यानी 26 अक्टूबर को 11 महीने पूरे हो रहे हैं। इन कानूनों के मुद्दे पर किसान संगठनों की सरकार से अब तक 11 दौर की बात-चीत हो चुकी है, जो बेनतीजा रही है। कानूनों को रद्द करने की किसान आंदोलनकारियों की मांग जस की तस है। इस कड़ी में आज संयुक्‍त किसान मोर्चे की अगुवाई में आंदोलनकारी देशभर में लखीमपुर हिंसा के आरोपी के पिता और गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी की बर्खास्तगी को लेकर प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर सभाएं होंगी। किसान मोर्चे की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम एक ज्ञापन भेजा जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चे का आवाह्न

संयुक्त किसान मोर्चे का आवाह्न

गौरतलब हो कि, किसान आंदोलनकारी गाजीपुर समेत दिल्ली के चार बॉर्डरों पर धरना दे रहे हैं। धरना-प्रदर्शनों को 11 महीने पूरे होने पर संयुक्‍त किसान मोर्चे ने बयान जारी कर कहा है कि, आज का देशव्‍यापी-प्रदर्शन मुख्य रूप से लखीमपुर खीरी घटना के संबंध में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग करने के लिए है। गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, आज संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने देशव्यापी विरोध का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहा कि, हमारी मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तहसील और जिला मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन की योजना है।

क्या कहा मोर्चे ने?

क्या कहा मोर्चे ने?

संयुक्‍त मोर्चे के बयान में कहा गया, "ये विरोध राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन के साथ समाप्त होगा, जिसे जिला कलेक्टरों / मजिस्ट्रेटों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।" एसकेएम ने यह भी आरोप लगाया कि, केंद्र ने एनआरआई दर्शन सिंह धालीवाल, जो किसान आंदोलन के प्रबल समर्थक थे, को शिकागो से आने के बाद भारत में प्रवेश नहीं करने दिया। एसकेएम ने कहा, "उन्हें देश में आने की अनुमति दिए बिना वापस भेज दिया गया था। सरकार का अलोकतांत्रिक और सत्तावादी व्यवहार अस्वीकार्य है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।"

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    लखीमपुर की घटना

    लखीमपुर की घटना

    बताते चलें कि, किसान संगठनों के प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 3 अक्टूबर को हिंसा हुई थी। जिसमें चार किसानों समेत कुल 8 लोगों की जानें गई थीं। घटना के सिलसिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और 12 अन्य को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय किसानों ने हिंसा के लिए उनके बेटे को जिम्मेदार ठहराया। किसानों की मानें तो उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मंत्री के काफिले का हिस्सा रहे एक वाहन ने कई किसानों को कुचल दिया था।

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    मंत्री का बेटा गिरफ्तार किया गया था

    मंत्री का बेटा गिरफ्तार किया गया था

    सोशल मीडिया पर वीडियो भी प्रसारित किए जा रहे हैं, जिसमें एक महिंद्रा कार को प्रदर्शनकारियों को पीछे से टक्‍कर मारते हुए देखा गया। हालांकि, अजय मिश्रा टेनी ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। आशीष ने वही दोहराया और आरोपों का खंडन किया। बाद में मामले में आशीष मिश्रा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

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    English summary
    against agricultural laws, Farmers' movement completes 11 months, United Kisan Morcha nationwide protest today
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