वाराणसी सीट से नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर के वकील ने कहा- हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए वाराणसी सीट से उम्मीदवारी करने वाले तेज बहादुर का नॉमिनेशन खारिज कर दिया गया है। नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि डीएम के उपर दबाव बनाकर उनका नामांकन रद्द किया गया है। उन्होने कहा कि हमने साक्ष्य देने के लिए सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया था, हमने मांगी गई जानकारी को सबमिट भी किया लेकिन अब बताया गया है कि आपका नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया है।
नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने क्या कहा?
तेज बहादुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रमाण पत्र देरी से पहुंचने का हवाला देते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। हालांकि तेज बहादुर ने कहा कि वो इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं तेज बहादुर के वकील ने कहा है हमसे जो साक्ष्य मांगे थे उसे प्रस्तुत किए, फिर भी हमारा नामांकन रद्द कर दिया गया। वकील राजेश गुप्ता ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
जिलाधिकारी ने क्या कहा?
तेज बहादुर का नामांकन खारिज किए जाने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले पांच साल के भीतर राज्य या केंद्र सरकार की सेवा से बर्खास्त किए गए व्यक्ति को चुनाव आयोग से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है, जिसमें ये कहा गया को भ्रष्टाचार के कारण उसे बर्खास्त नहीं किया गया है। इस सर्टिफिकेट को जमा करने के लिए सुबहर 11 बजे का समय दिया गया था लेकिन उन्होंने समय पर सबमिट नहीं किया जिसके बाद नामांकन खारिज कर दिया गया।

वाराणसी में लड़ाई और दिलचस्प
बता दें कि तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद वाराणसी सीट पर लड़ाई और दिलचस्प हो गई है। क्योंकि तेजबहादुर ने पहले निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया था लेकिन बाद में सपा ने शालिनी यादव की जगह तेजबहादुर को मैदान में उतारा। लेकिन अब तेज बहादुर का नॉमिनेशन खरिज होने के बाद सपा-बसपा गठबंधन क्या फैसला करती है ये देखने लायक होगा। इधर बीजेपी से पीएम नरेंद्र मोदी दोबारा इसी सीट से मैदान में हैं। हालांकि अभी ये देखना होगा कि अगर तेजबहादुर सुप्रीम कोर्ट की ओर रूख करते हैं तो क्या वहां उनको राहत मिलती है या नहीं।












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