NRC पर मचे बवाल के बीच मोदी सरकार ने की एनपीआर की तैयारी, जानिए क्या है NPR

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून को लेकर देश के कई राज्यों में घमासान मचा है। पूर्वोत्तर के अलावा दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, बिहार और गुजरात में भारी संख्या में लोग इस एक्ट के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। वहीं, इस दौरान दिल्ली और यूपी के कई जिलों में हिसंक प्रदर्शन हुए हैं। यूपी में हिंसक प्रदर्शन के दौरान अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कर्नाटक के मंगलुरू में 2 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, संशोधित नागरिकता कानून के अलावा एनआरसी को लेकर मचे घमासान के बीच सरकार नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर की तरफ बढ़ रही है।

एनपीआर की तरफ बढ़ रही है सरकार

एनपीआर की तरफ बढ़ रही है सरकार

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कैबिनेट से 3,941 करोड़ रु की मांग की है। एनपीआर का उद्देश्य सामान्य निवासियों का व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें जनसांख्यिकी के साथ-साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी रहेगी। हालांकि, केरल सरकार ने एनपीआर से संबंधित सभी कार्यवाही को रोकने का आदेश दिया है। सीएम ऑफिश की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार ने एनपीआर से संबंधित सारी प्रक्रिया को रोकने का आदेश दिया है। केरल सरकार ने आशंका जताई है कि इसके जरिए एनआरसी लागू की जा सकती है।

बंगाल और केरल में एनपीआर का काम रोका गया

बंगाल और केरल में एनपीआर का काम रोका गया

वहीं, संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी मोदी सरकार पर तीखे हमले कर रहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ममता सरकार ने भी राज्य में एनपीआर का काम रोक दिया है। ममता बनर्जी लगातार कहती रही हैं कि वे राज्य में संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी लागू नहीं होने देंगी। बता दें कि एनआरसी अभी आया नहीं है लेकि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वे पूरे देश में एनआरसी लागू करेंगे। इसके बाद से विपक्ष एनआरसी को लेकर सरकार को घेर रहा है। वहीं, एनआरसी के खिलाफ कई मुस्लिम संगठन भी आ गए हैं और वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

2020 में शुरू होगा सर्वे

2020 में शुरू होगा सर्वे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में 2011 में की गई जनगणना के आंकड़े मौजूद हैं और इसके बाद 2021 की जनगणना का काम जारी है। देश भर में जनगणना के लिए पहले चरण (एक अप्रैल 2020 से लेकर 30 सितंबर) में केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर ये जानकारी इकट्ठा करेंगे। बताया जा रहा है कि दूसरा चरण 2021 में 9 फरवरी से 28 फरवरी के बीच पूरा किया जाएगा, जबकि 1 मार्च से 5 मार्च तक संशोधन की प्रक्रिया होगी।

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर क्या है?

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर क्या है?

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर देश के सामान्य निवासियों के कागजात हैं और ये सिटीजनशिप एक्ट, 1955 के प्रावधानों के मुताबिक, स्थानीय, जिला, उप-जिला , राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है। कोई भी निवासी जो महीने से या उससे अधिक अवधि से स्थानीय क्षेत्र में रह रहा है तो उसे इस रजिस्टर में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होता है। सरकार ने 2010 से देश की पहचान का डेटा जमा करने के लिए इसकी शुरुआत की थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+