कोरोना पॉजिटिव हुईं गोपिका ने एंबुलेंस से ही दी PSC की परीक्षा, सांसद ने भी किया जज्बे को सलाम

गोपिका के जज्बे को सलाम, कोरोना पॉजिटिव होने पर एंबुलेंस से ही दी PSC की परीक्षा

नई दिल्ली। कहते हैं कि दिल में अगर कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो दुनिया की कोई ताकत आपको नहीं रोक सकती... कुछ ऐसा ही हुआ लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारी कर रही गोपिका गोपन नाम की एक छात्रा के साथ। गोपिका पिछले काफी दिनों से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए तैयारी कर रहीं थी और सोमवार को होने वाली परीक्षा के लिए जी-जान से जुटी थीं। इस बीच अचानक गोपिका की तबीयत खराब हो गई और जब उन्होंने डॉक्टर के कहने पर कोरोना वायरस का टेस्ट कराया तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। (तस्वीरें साभार- फेसबुक/KA Beena)

गोपिका ने नहीं मानी हार

गोपिका ने नहीं मानी हार

हालांकि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद गोपिका ने हार नहीं मानी और एंबुलेंस से ही परीक्षा देने का फैसला लिया। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, मामला केरल के तिरुवनंतपुरम का है, जहां सोमवार को लोक सेवा आयोग की परीक्षा हुई। गोपिका गोपन मलयालम भाषा में इस परीक्षा के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए तैयारी कर रहीं थी। शनिवार को जब उनकी कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो पूरा परिवार परेशान हो गया। इसके बाद गोपिका ने तय किया कि वो परीक्षा जरूर देंगी।

'एक बार मन बना लिया, तो फिर जगह मायने नहीं रखती'

'एक बार मन बना लिया, तो फिर जगह मायने नहीं रखती'

इसके बाद तिरुवनंतपुरम में परीक्षा केंद्र बनाए गए एक सरकारी स्कूल के बाहर एंबुलेंस में ही एक डेस्क की व्यवस्था की गई और यहीं से गोपिका ने अपनी परीक्षा दी। गोपिका की कहानी जिस किसी ने भी सुनी, उनके हौंसले की तारीफ की। गोपिका ने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक बार जब आप परीक्षा देने का मन बना लेते हैं और लिखना शुरू कर देते हैं तो फिर जगह आपके लिए मायने नहीं रखती।

शशि थरूर ने शेयर की गोपिका के जज्बे की कहानी

शशि थरूर ने शेयर की गोपिका के जज्बे की कहानी

केरल लोक सेवा आयोग की यह परीक्षा जुलाई में होनी थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के चलते इस परीक्षा को नवंबर तक के लिए टाल दिया गया। गोपिका ने बताया कि जब उनकी कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो उन्हें अपनी परीक्षा की चिंता हुई, लेकिन फिर उन्होंने तय किया कि वो इसी हाल में अपनी परीक्षा देंगी। गोपिका गोपन के इस जज्बे की कहानी को तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सराहा है और उनकी कहानी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है।

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