भाजपा पर AAP का तीखा हमला, देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बर्बाद करने का लगाया आरोप
आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा 2014 में प्रधानमंत्री मोदी कितने चिंतित थे कि झारखंड से हमारी माताएं-बहनों को रोजगार के लिए मजबूर होकर दिल्ली आना पड़ता है। लेकिन आज स्थिति यह है कि पूरे देश में लोग दिल्ली में रोजगार ढूंढ़ने के लिए आते हैं।
आप यहां किसी टैक्सी ड्राईवर, पनवाड़ी, घर में बर्तन मांजने वाली माताओं-बहनों से पूछिए ये सभी लोग दिल्ली से बाहर के हैं। 2014 में मोदी जी मेक इन इंडिया नाम की योजना लेकर आए, इसपर 550 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसका लक्ष्य था कि 2022 तक 25 फीसदी जीडीपी में योगदान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का होगा, जबकि 10 करोड़ रोजगार सृजन इस सेक्टर में होगा।

2014 तक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जीडीपी में 17 फीसदी का योगदान करता था, जोकि कोरोना से पहले 2019 में 13.6 फीसदी तक पहुंच गया। कोरोना के बाद 2022 में यह आंकड़ा 13.25 फीसदी पहुंच गया। वर्ल्ड बैंक के आंकड़े को साझा करते हुए प्रियंका ने कहा कि हमारे देश में मैन्युफैक्चरिंग बहुत संकट में है। लगातार यह गिर रहा है। इस वक्त जो आंकड़ा है वह 1970 के दशक में था।
यानि 1991 में जो भी उदारवाद के बाद जो भी काम हुआ था, वो सब नष्ट हो चुका है। 2018 में जब पीएम मोदी से मैन्युफैक्चरिंग के आंकड़ों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि पकौड़े तलना भी रोजगार है, जो इन आंकड़ों में नजर नहीं आ रहा है।
2020 में केंद्र सरकार ने पीएलआई स्कीम की शुरुआत की, इसका प्रचार हर जगह किया गया। अगर आप देश में मैन्युफैक्चरिंग करेंगे तो सरकार आपको सब्सिडी देगी। लेकिन यह झूठ था। डब्ल्यूटीओ के नियम के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग पर सब्सिडी नहीं दी जा सकती है बल्कि इसे सिर्फ असेंबलिंग पर दिया जा सकता है। इनकी पीएलआई स्कीम भी बुरी तरह से फेल हो गई।












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