Budget 2024: FY25 में वित्तीय घाटा 4.9% रहने का अनुमान, जानिए इससे जुड़ी खास बातें
Aam Budget 2024: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को मोदी सरकार 3 का पहला बजट पेश किया, जिसमें कई बड़ी योजनाओं का ऐलान हुआ है।
अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री ने वित्तीय घाटा 4.9% जीडीपी तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, जो कि एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आपको बता दें कि 1 फरवरी को जब सीतारमण ने बजट पेश किया था तब जीडीपी 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखा था, अपनी स्पीच में सीतारमण ने कहा कि 'मैंने 2021 में जो राजकोषीय कंसोलिडेशन यानी कि Fiscal Consolidation का ऐलान किया था उससे हमारी अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ हुआ इसलिए अब हमारा टारगेट इसे 4.9 प्रतिशत से नीचे लाना है।'
क्या होता है वित्तीय घाटा ( Fiscal Deficit)
वित्तीय घाटा सरकार के कुल खर्च और उसकी कुल आय के बीच का अंतर होता है। जब सरकार का खर्च आय से अधिक होता है, तो इसे वित्तीय घाटा कहते हैं। इसे जीडीपी के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
इससे निम्नलिखित सेक्टर में फायदा मिलता है...
- अगर हम वित्तीय घाटे को कंट्रोल करेंगे तो हम मुद्रास्फीति और ब्याज दरों को नियंत्रित कर पाते हैं।
- यही नहीं इससे विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलती है, जो कि देश की आर्थिक स्थिति को मजूबत करता है। यह लक्ष्य सरकार की आर्थिक नीतियों की स्थिरता और दृढ़ता को दर्शाता है।
सरकार को करना पड़ेगा चुनौतियों का सामना
लेकिन इसके लिए सरकार को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा जैसे कि राजस्व संग्रहण में सुधार करना होगा और अपने खर्चों में कटौती करनी होगी जिसके कि विकास परियोजनाओं को मदद मिले और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रखा जाए। जानकारों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे देश के विकास की राह में अहम कदम बताया है।
कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अगले पांच सालों में दो करोड़ नए मकान बनाए जाएंगे।
- सौर प्रणाली लगाने से एक करोड़ परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी।
- कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है।
- बजट में ओल्ड टैक्स डिडक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- जबकि न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75000 रुपये कर दिया है जो कि पहले 50,000 रुपये था।












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