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Exclusive- 'आप' के लोगो को डिजाइन करने वाले सुनील लाल का साक्षात्कार

बेंगलुरू।(अंकुर सिंह)। आम आदमी पार्टी की बुनियाद इंडिया अगेंस्ट करप्शन से निकली जिसमें लाखों लोग एक बदलाव की आस में अपना सबकुछ छोड़कर सड़को पर आ गये थे। लेकिन जिस तरह से पार्टी के एक बाद एक विवादों में घिरती जा रही है उससे इस पार्टी से बिना किसी स्वार्थ के जुड़े कार्यकर्ता काफी दुखी है।

aap logo

हाल ही में यूके के जिस नागरिक ने अरविंद केजरीवाल को तोहफे में दी अपनी वैगन कार को वापस मांग लिया है। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी के लोगो को डिजाइन करने वाले सुनील लाल ने अपने लोगो को पार्टी से वापस मांगा है।

Revoking My Intelligent property THE AAP LOGOTYPE from AAM AADMI PARTY. Letter send to its Convenor Shri Arvind Kejriwal...

Posted by Sunil Lal on Tuesday, April 7, 2015

sunil lal

सुनील लाल आम आदमी पार्टी के अस्तित्व में आने से पहले इंडिया अगेंस्ट करप्शन के आंदोलन से जमीनी तौर पर जुड़े हैं। सुनील इस आंदोलन के सभी पोस्टर और बैनर को डिजाइन करते थे। उनके पोस्टर्स की बदौलत इस आंदोलन को एक विशेष पहचान मिली थी। यही नहीं सुनील लाल खुद सड़को पर इस आंदोलन की अगुवाई हमेशा करते थे।

sunil lal

लेकिन हाल ही में जिस तरह से आम आदमी पार्टी से योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण सहित कई नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है उससे सुनील काफी आहत है। सुनील ने आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी के लोगों को अपनी बौद्धिक संपदा बताते हुए उसके वापस मांगा है। वनइंडिया से एक्सक्लुसिव बातचीत के दौरान सुनील लाल ने खुद की पीड़ा को जाहिर किया...

sunil lal

आप ने आम आदमी पार्टी का लोगों वापस क्यों मांगा है?

मैंने आम आदमी पार्टी का लोगो बहुत की नेक मकसद से डिजाइन किया था। लेकिन इस पार्टी ने जिस तरह से लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं को ठेस पहुंचायी है उससे मैं काफी आहत हूं। मैं यह कतई नहीं चाहता कि एक नेक मकसद से डिजाइन किये गये इस लोगों का इस्तेमाल किसी एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हो।

अगर पार्टी ने लोगो के इस्तेमाल को जारी रखा तो आप क्या करेंगे?

यह लोगो मैंने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद डिजाइन किया था। लेकिन यह लोगो मेरी बौद्धिक संपदा है, जिसका मालिकाना हक मैंने पार्टी को कभी नहीं दिया। पिछले 15 दिनों से मेरी खुद के अंतर्मन से लड़ाई चल रही थी जिसके बाद मैंने यह फैसला लिया है। मैं केजरीवाल और पार्टी की ओर से 15 दिन तक इंतजार करुंगा। लेकिन इसके बावजूद अगर पार्टी ने मेरे लोगो का इस्तेमाल करना नहीं रोका तो मैं कानूनी रास्ता भी अख्तियार करुंगाा

आप पैसों की खातिर ऐसा कदम तो नहीं उठा रहे हैं?

मैं इंडिया अगेंस्ट करप्शन के समय से लेकर आज तक बदलाव और स्वराज के लिए इस पार्टी से जुड़ा था। भगवान की दया से मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है। मेरा खुद का अच्छा बिजनेस है और मुझे इस पार्टी से पैसों का कोई लालच नहीं है।

आपकी आम आदमी पार्टी के साथ क्या विवाद है?

मेरा आम आदमी पार्टी के कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है। लेकिन मैं इस इस पार्टी के जरिए एक बदलाव की आशा कर रहा था। लेकिन जिस तरह से इस पार्टी ने हाल के दिनों में अपना नकारात्मक चेहरा लोगों के सामने पेश किया है वह काफी आहत करने वाला है। पार्टी ने आम आदमी की अपेक्षायें तहस-नहस कर दिया है।

आप को आम आदमी पार्टी में क्या कमी दिखती है?

आम आदमी पार्टी एक व्यक्ति विशेष की पार्टी हो गयी है। इस पार्टी का निर्माण स्वराज की स्थापना के लिए हुआ था। लेकिन हम एक व्यक्ति की सनक का स्वराज नहीं चाहते हैं। पार्टी के भीतर जिस तरह से लोकतंत्र का गला घोटा गया है उससे दुनियाभर के वालंटियर्स निराश हैं। पार्टी अब मनमाने ढंग से चल रही है।

क्या पार्टी ने वालंटियर्स के साथ धोखा किया है?

आम आदमी पार्टी वालंटियर्स के खून पसीने से खड़ी हुई है। लेकिन अब यह पार्टी वालंटियर्स की अब कोई कदर नहीं करती है, पार्टी के भीतर वालंटियर्स की आवाज को अब सुनने वाला कोई नहीं है।

क्या विवादों के चलते पार्टी को नुकसान हुआ?

आम आदमी पार्टी अन्य पार्टियों की तर्ज पर काम कर रही है। पार्टी ने आज तक 2-2 करोड़ के फर्जी चंदे के खिलाफ कोई पुख्ता सफाई नहीं दी है। यही नहीं जिस तरह से 15 दागी विधायक पार्टी में चुने गये हैं वह पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाती है।

क्या आप योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के साथ हैं?

मेरा राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जो भी आगे आयेगा हम उसका साथ देंगे। हमने केजरीवाल का साथ एक बदलाव के लिए दिया था। लेकिन केजरीवाल ने नेक मकसद को कहीं पीछे छोड़ दिया है। स्वराज की कल्पना अब काफी दूर की बात दिखती है आम आदमी पार्टी से। केजरीवाल को यह समझना होगा कि स्वराज की किताब पढ़ने से स्वराज नहीं आता है।

पार्टी के भीतर क्या बौद्धिकता की कमी आयी है?

योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, शांति भूषण सरीके लोग समाज में एक विशेष दर्जा रखते हैं। ये लोग पार्टी की वास्तविक संपदा थे, लेकिन इन लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाकर पार्टी ने खुद को खोखला कर लिया है।

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