1.5 करोड़ का सोना ले जा रहे नौकर ने खुद को लुटवाया फिर बनने लगा 'मासूम'
पुणे। महाराष्ट्र में पुणे के बालेवाडी स्टेडियम के सामने से तीन लोगों द्वारा डेढ़ करोड़ का सोना लूटने की झूठी कहानी में डिलीवरी ब्वॉय खुद ही उलझ गया था। सिर से लेकर पांव तक कर्ज में डूबे होने की वजह से सोना गबन करने की साजिश रची लेकिन पुलिस की कड़ी पूछताछ में उसका झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। 24 घंटे के अंदर पुणे पुलिस सारा सोना जब्त किया और घटना का खुलासा किया।

इस मामले का आरोपी सराफा व्यवसायी अरविंद चोपड़ा के पास तीन साल पहले काम करता था। बाद में नौकरी छोड़ने के बाद 4 महीने पहले ही फिर से नौकरी पर वापस आया था। अपना डूबता बिजनेस और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए यह सारा षडयंत्र दोस्तों के साथ रचा था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में पुलिस ने बेहराराम शांतिलाल पुरोहित (उम्र 31, मूल निवासी राजस्थान), किशोर लक्षण रावल (उम्र 28, मूल निवासी राजस्थान) और नरेश जयरुपजी रावल (उम्र 21, निवासी राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है। बेहराराम ने झांवेरी बाजार से 4500 ग्राम सोने के बिस्किट व चांदी अपने दोस्त किशोर रावल के पास नालासोपारा, ठाणे में रखे थे।

उसके बाद पुणे आने के बाद उसने कहानी बनायी कि रिक्शा में तीन अनजान लोग आए और जबर्दस्ती 1 करोड़ 35 लाख का सोना लूटकर चले गए। पुलिस को आरोपी के हावभाव में पहले से ही शक था। आरोपी को किसी बात की भनक न पड़ते हुए पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू की थी। पुलिस की अलग-अलग टीम तैयार करके धारावी, अंधेरी, सायन, भाईंदर व नालासोपारा ऐसे अलग-अलग स्थानों में कारवाई करके 100 प्रतिशत माल जब्त किया।
बेहराराम ने जो सोना किशोर रावल को रखने को दिए थे, वही सोना किशोर ने नरेश के पास छुपाकर रखे थे। पुलिस ने किशोर रावल को हिरासत में लेकर नरेश रावल के पास से पूरा सोना जब्त किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4500 ग्राम सोने के 45 सोने के बिस्किट व 5 किलो चांदी जब्त की। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 5 दिनों की पुलिस कस्टडी सुनायी है।












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