बोरवेल: 50 घंटे की मशक्कत भी ना बचा पाई मासूम की ज़िंदगी

अधिकारियों ने बताया कि ''करीब 26 फुट की गहराई में अक्षत हनुमंत पाटिल का शव बचाव टीम को मिलने के साथ मंगलवार शाम को शुरु किया गया बचाव अभियान आज खत्म हो गया।'' एक खेत में बने करीब 300 गहरे बोरवेल से लडकी का शव निकाले जाने के कुछ ही देर बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी गुंडप्पा ने संवाददाताओं को बताया कि शव सडने लगा था।
अतिरिक्त उपायुक्त कविता ने बताया कि अक्षत करीब 25 या 26 फुट की गहराई में फंसी थी। लडकी के पिता हनुमंत मायपाटिल और मां सावित्री बेबस होकर बचाव अभियान देख रहे थे जबकि आसपास के ग्रामीण उसके जीवित निकलने की दुआ कर रहे थे। लडकी के माता पिता खेत मजदूर हैं। इस घटना ने देश भर के शासन-प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है कि क्षेत्रों में इस तरह के बोरवेल खुले ना छोड़े जाएं।












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