नौंवी के छात्र ने टीचर को लिखा लव लेटर, फिर पिता के दावे से मामले में आया नया मोड़
चंडीगढ़। पंजाब के होशियारपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में नौंवी के छात्र ने अपनी ही क्लास टीचर को लव लेटर लिख डाला। वह काफी दिनों से दिल की बात कहना चाह रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। बाद में उसने अपने दोस्त की मदद ली और लेटर लिखकर टीचर की टेबल पर रखवा दिया। उधर, टीचर को स्टूडेंट की हरकत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। फिर एक दिन टीचर को उनकी टेबल पर एक लेटर रखा दिखाई दिया। जब टीचर ने उस लेटर खोलकर पढ़ा तो वह हैरान रह गईं। एक बार तो टीचर को समझ ही नहीं आया कि आखिर ये हो क्या रहा है।

लव लेटर में लिखी हैंडराइटिंग से टीचर ने छात्रा को पहचाना
यह मामला है होशियारपुर जिले माहिलपुर स्थित गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंड्री स्कूल का। लेटर पढ़ने के बाद टीचर को विश्वास ही नहीं हुआ कि आखिर कोई स्टूडेंट ऐसा कैसे कर सकता है। लेटर में लिखी भाषा ऐसी थी कि टीचर गुस्से से लाल हो गईं। लेटर को पढ़ते-पढ़ते टीचर की नजर हैंडराइटिंग पर गई तो उन्हें समझ आ गया कि यह हरकत किस स्टूडेंट की है। इसके बाद उन्होंने प्रिंसिपल और स्कूल मैनेजमेंट से शिकायत की। प्रिंसिपल ने बिना देरी किए मामले में एक्शन लिया और पुलिस को जानकारी दी।

घरवालों ने लव लेटर लिखने के लिए छात्र से मंगवाई माफी
जब पुलिस को इस बात की खबर हुई कि छात्र ने टीचर को लव लेटर लिखा है, उन्होंने उसके अभिभावकों से संपर्क किया। माता-पिता भी अपने बेटे की हरकत देख हैरत में पड़ गए। उन्होंने कुछ समझ नहीं आया। अब वे कर भी क्या कर सकते हैं, छात्र को लेटर लिखना था जो वह लिख चुका था। हालांकि, माता-पिता इतना कर सकते थे कि वे छात्र को उसकी गलती का एहसास कराएं और उन्होंने ऐसा ही किया। अभिभावकों ने छात्र से कहा कि वह टीचर से माफी मांगे। छात्र ने लव लेटर लिखने के लिए माफी मांगी। इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्र को प्रमाण पत्र देकर स्कूल से निकाल दिया। यहां तक कहानी एकदम सीधे तरीके से चल रही थी, लेकिन अचानक इसमें ट्विस्ट आ गया।

पिता ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर किया खुलासा और मामले में आया नया मोड़
टीचर को लव लेटर लिखे जाने के इस मामले में नया मोड़ तब आया जब छात्र के पिता ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर दो टीचर्स के ट्रांसफर की मांग कर डाली। पिता ने शिकायत की है कि स्कूल की दो टीचर्स ने उनके बेटे को बेवजह स्कूल से निकलवाया है, दोनों टीचर्स ठीक से पढ़ाती नहीं हैं और वे उनके बेटे से नफरत करती हैं। पिता का आरोप है कि टीचर्स उनके बेटे को पुलिस की धमकी भी देती हैं। पिता ने प्रिंसिपल को भी पत्र लिखकर मांग की है कि उनके बेटे को दोबारा स्कूल में एडमिशन दे दिया जाए। दूसरी ओर स्कूल प्रिंसिपल का दावा है कि छात्र के पिता ने बेटे की गलती के लिए लिखित में माफी मांगी थी। इसके बाद ही उसे स्कूल से निकाला गया। प्रिंसिपल का कहना है कि छात्र ने जिस तरीके की भाषा टीचर के लिए लेटर में लिखी है, उसे किसी भी तरीके से स्वीकार नहीं किया जा सकता है।












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