नाम चेंज के लिए 80 साल की महिला ने खटखटाया HC का दरवाजा, गजट ऑफ इंडिया में चाहती हैं नाम छपवाना
नई दिल्ली, फरवरी 05। पंजाब के होशियारपुर जिले की रहने वाली एक 80 साल की महिला ने अपना बदला हुआ नाम भारत के राजपत्र में प्रकाशित कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता महिला एक विधवा है। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि वो फोटो पहचान पत्र की अनुपलब्धता के कारण अपनी सेविंग्स और निवेश किए पैसों का उपयोग नहीं कर पा रही है।

क्या है पूरा मामला?
न्यूज एजेंसी ANI की खबर के मुताबिक, होशियारपुर की रहने वाली प्रभा सूद ने अधिवक्ता जय प्रकाश तहलानी के माध्यम से याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि प्रभा सूद ने 2002 में अपना नाम बदल लिया था। याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि 80 साल की वृद्ध महिला का जन्म 1941 में हुआ था और उन्होंने 1963 में राम प्रकाश सूद से शादी की थी। उनके पति की मृत्यु 2009 में हो गई थी। उनके पास कोई फोटो पहचान प्रमाण नहीं है और बैंक अधिकारी बैंक खाते के लिए इसकी मांग कर रहे हैं।
12 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
जस्टिस वी कामेश्वर राव ने याचिकाकर्ता को अधिकारियों द्वारा पहले जारी एक हलफनामा और प्रमाण पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 12 अप्रैल की तारीख तय की है।याचिका दाखिल करने वाली महिला ने कहा कि 1999 में उसने बैंक खाते खोले और अपने पूर्व नाम शशि सूद में इक्विटी शेयरों और म्यूचुअल फंड में निवेश किया। याचिका में कहा गया है कि वे बैंक खाते और निवेश 2000 से पहले उसके द्वारा किए गए थे। उस समय केवाईसी आधारित दस्तावेजों जैसे चुनाव कार्ड, पैन कार्ड आदि की अनिवार्य रूप से आवश्यकता नहीं थी और इस प्रकार ऐसे दस्तावेजों के अभाव में उन निवेश और बैंक खातों को खोला गया था।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे 2012 में होशियारपुर के डिप्टी कमिश्ननर द्वारा कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी किया गया था। उसने एक निर्धारित प्रारूप में प्रकाशन विभाग, दिल्ली के साथ पंजीकृत एक आवेदन जमा किया था, जिसमें सभी आवश्यक दस्तावेजों को प्रकाशित करने के लिए प्रकाशित किया गया था कि उसने अपना नाम बदल लिया है।












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