President Droupadi Murmu Speech Highlights: राष्ट्रपति मुर्मू ने लोकतंत्र, एकता और राष्ट्रीय गौरव पर दिया जोर
President Droupadi Murmu Speech: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2026 (रविवार) को राष्ट्र को संबोधित किया। यह संबोधन शाम 7 बजे आकाशवाणी के राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर प्रसारित गया। अपने भाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, संवैधानिक आदर्शों और साझा जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों से एकता, समावेशिता और दृढ़ता मजबूत कर एक समृद्ध, आत्मनिर्भर व प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि भी दी। संविधान को दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का मूलभूत दस्तावेज़ बताते हुए, राष्ट्रपति ने जोर दिया कि यह न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्शों को दर्शाता है, साथ ही राष्ट्रवाद व राष्ट्रीय एकता का मज़बूत आधार प्रदान करता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सरदार वल्लभभाई पटेल को किया नमन
राष्ट्रपति मुर्मू ने 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र का एकीकरण किया था। याद रहे पिछले वर्ष 31 अक्टूबर को उनकी 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई, जिसके स्मरणोत्सव राष्ट्र एकता व गौरव को सुदृढ़ कर रहे हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को राष्ट्रपति ने किय याद
राष्ट्रपति ने 23 जनवरी को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाई जाने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती का भी जिक्र किया। 2021 से मनाए जा रहे इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को नेताजी की अदम्य देशभक्ति से प्रेरणा दिलाना है। राष्ट्रपति ने कहा नेताजी का नारा 'जय हिंद' हमारे राष्ट्रीय गौरव की पहचान है।
राष्ट्रपति ने वंदे मारतम की महिमा समझाई
राष्ट्रपति ने महान राष्ट्रवादी कवि सुब्रमण्य भारती द्वारा तमिल में रचित "वंदे मातरम येनबोम" (अर्थ: "आइए हम वंदे मातरम का जाप करें") गीत का स्मरण किया। इस गीत ने लोगों को वंदे मातरम की भावना से व्यापक रूप से जोड़ा। इसके अनुवाद अन्य भारतीय भाषाओं व अंग्रेजी (श्री अरबिंदो द्वारा) में भी लोकप्रिय हुए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा, "उत्तर से लेकर दक्षिण तक तथा पूर्व से लेकर पश्चिम तक, हमारी प्राचीन सांस्कृतिक एकता का ताना-बाना हमारे पूर्वजों ने बुना था।" राष्ट्रपति ने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम' हमारी गीतात्मक राष्ट्रीय प्रार्थना है।
गणतंत्र दिवस परेड में होगा भव्य प्रदर्शन
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। परेड में 6,000 कर्मी भाग लेंगे, साथ ही नए सैन्य उपकरण और पहली बार प्रस्तुत होने वाली संरचनाएँ भी दिखाई जाएंगी। विशेष आकर्षण के रूप में इसमें सूर्यास्र सिस्टम, भैरव बटालियन और बैक्ट्रियन ऊंटों की अनूठी टुकड़ी शामिल है।












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