79 साल के शरद पवार ने 66 धुआंधार रैलियां कर लिखी NCP की जीत की स्क्रिप्ट
नई दिल्ली। महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन भले ही विजयी रहे, लेकिन इन दोनों पार्टियों एक महत्वपूर्ण सबक सिखा दिया कि, किसी भी विपक्षी दल को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। हम बात कर रहे हैं एनसीपी के 79 साल के प्रमुख शरद पवार की। जहां विधानसभा चुनावों से पहले उनकी पार्टी को बड़ी टूट का सामना करना पड़ा था, इसके बाद उनके रिटायरमेंट की बातें की जाने लगीं। इन सारी बाधाओं को दरकिनार कर वे एक बार फिर खड़े हुए और पार्टी को विधानसभा चुनावों में 50 के पार ले गए। बारामती से एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने गुरुवार को कहा कि, यह भले ही क्लीन स्वीप ना हो, लेकिन शरद पवार ने लड़ाई लड़ी और वापसी की।

पवार ने अकेले चुनाव प्रचार की कमान संभाली और किया ये कमाल
चुनावों से पहले एनसीपी सांसद उदयनराजे भोंसले ने पद से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन की थी तो कई लोगों ने माना कि यह पवार के लिए यह एक बड़ा झटका है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि विपक्ष के पास ऐसा कोई पहलवान नहीं बचा जो बीजेपी शिवसेना गठबंधन से टक्कर ले सके। इस पर शरद पवार ने भी पलट कर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आप लोग ऐसे पहलवान हैं जो कुश्ती तक नहीं जानते हैं। शरद पवार ने उन्हे सतारा में की गई रैली से जवाब दे दिया। उन्होंने अकेले चुनाव प्रचार की कमान संभाली और बीजेपी-शिवसेना पर ताबड़तोड़ हमले किए। ईडी के छापे और परिवार की अंदरूनी लड़ाई जैसी मुश्किलों का सामना करते हुए पवार ने पार्टी में एक बार फिर जान फूंक दी।

फिर सामने आई महाराष्ट्र के चुनाव की ये आइकॉनिक फोटो
19 अक्टूबर को एनसीपी मुखिया शरद पवार की महाराष्ट्र के सतारा में रैली होनी थी।लेकिन मूसलाधार बारिश की वजह से पार्टी के नेता इस रैली को रद्द करने का विचार कर रहे थे लेकिन तभी बादलों की गड़गड़ाहट और बारिश से घबराए बिना शरद पवार मंच पर चढ़ गए और दहाड़ते हुए बोले- यह एनसीपी के लिए वरुण राजा का आशीर्वाद है। इससे राज्य में चमत्कार होगा और यह 21 अक्टूबर से शुरू होगा। मुझे पूरा यकीन है। 79 साल के शरद पवार की मेहनत रंग लाई और सतारा लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी को शिकस्त मिली। शरद पवार ने राज्यभर में 66 रैलियां की। जिसका नजीता यह हुआ कि पार्टी एक बड़ा विपक्षी दल बनकर राज्य में उभरी।

उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति का कमबैक किंग कहा जा रहा है
मुंबई में मीडिया को संबोधित करते हुए एनसीपी प्रमुख ने दिखाया कि कैसे उनके नेतृत्व ने पार्टी को 41 सीटों से 54 तक पहुंचा दिया। वह शिवसेना से सिर्फ दो सीटें पीछे है। उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति का कमबैक किंग कहा जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए पवार ने कहा कि, वह महाराष्ट्र में युवा, दूसरे नंबर के नेताओं के एक नए बैच को विकसित करने के लिए राज्यव्यापी दौरे पर जाएंगे। पवार ने महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों से साबित कर दिया कि वह 79 के जरूर हो गए हैं लेकिन वह अभी थके नहीं हैं। उनकी राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है। अभी भी अकेले ही चुनाव की कमान संभालते हुए वह बीजेपी की रणनीति का जमीन पर उतरकर जवाब देने का माद्दा रखते हैं। शरद पवार ने ऐन मौके पर पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वालों को भी गलत साबित कर दिया।












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