मोदी सरकार के 3 साल के कार्यकाल से 61 फीसदी लोग संतुष्ट
61 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरी है, मोदी सरकार के कार्यकाल को लोगों ने सराहा
नई दिल्ली। केंद्र में मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं, बावजूद बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और महंगाई के बाद भी देश में 60 फीसदी लोग मोदी सरकार के काम से संतुष्ट हैं। देश में तकरीबन 60 फीसदी लोगों ने एक सर्वे में कहा है कि वह मौजूदा केंद्र सरकार के काम से संतुष्ट हैं और सरकार उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरी है। लोकलसर्किल नाम की एक संस्था ने ऑनलाइन सर्वे कराया था जिसमें लोगों ने मोदी सरकार के कामों से अपनी संतुष्टि जाहिर की है।

तमाम योजनाओं को लोगों ने दिया अपना समर्थन
सर्वे में यह बात सामने आई है कि केंद्र में मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद भी 60 फीसदी से अधिक लोगों का यह मानना है कि मौजूदा सरकार या तो उनकी अपेक्षा पर खरी उतरी है या फिर उनकी अपेक्षा से बढ़कर काम किया है। इस सर्वे को मोदी सरकार के कामकाज के आधार पर किया गया था। इस में मुख्य रूप से पहल स्कीम को सबसे ज्यादा लोगों का समर्थन मिला जिसके जरिए लोगों के खाते में सीधे उनका फायदा पहुंचाया जाता है, सरकार की इस योजना को 47 फीसदी लोगों का समर्थन मिला है। इसके अलावा 29 फीसदी लोगों ने जनधन योजना को अपना समर्थन दिया है। स्वच्छ भारत और मेक इन इंडिया अभियान को 16 और 8 फीसदी लोगों ने अपना समर्थन दिया है।

40000 लोगों ने सर्वे में लिया हिस्सा
इन अहम योजनाओं के अलावा जिन मुद्दो पर लोगों की राय ली गई थी उसमे महंगाई, अपराध, गरीबी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, स्वास्थ्य सेवा रही जिसपर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। ज्यादातर लोग इस बात से नाराज हैं कि सांसद उनकी समस्याओं को सही तरीके से नहीं सुनते हैं, 69 फीसदी लोगों का कहना है कि चुने हुए विधायक बेहतर काम नहीं कर रहे हैं। लोकसर्किल ने जो सर्वे किया है उसमें 40000 लोगों ने हिस्सा लिया, इसमे तकरीबन 200 शहरों के लोगों ने हिस्सा लिया था।

विदेश नीति को भी लोगों किया पसंद
सर्वे में लोगों ने मोदी सरकार की विदेश नीति की भी सराहना की है। जिस तरह से पाकिस्तान के साथ भारत ने अपनी रणनीति को बदला है उसे लोगों का समर्थन मिला है। लोगों का मानना है कि पीएम मोदी ने अपनी ग्लोबल छवि की बदौलत पाकिस्तान पर दबाव बनाया है, लोगों का यह भी मानना है कि पीएम मोदी के नेतृतव में वह अपने परिवार और आने वाले भविष्य को लेकर सुरक्षित महसूस करते हैं। लोगों ने मोदी सरकार के सांप्रयादिक मामलों को हैंडल करने के तरीके और देश के विकास को आगे बढ़ाने को भी अपना समर्थन दिया है।

नोटबंदी को मिला लोगों का समर्थन
जिस तरह से पिछले वर्ष नवंबर माह में मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया था और 500-1000 रुपए की नोट को बंद करने का फैसला लिया था, उसे भी लोगों ने अपना समर्थन दिया है। 51 फीसदी लोगों का कहना है कि नोटबंदी का फैसला सही था और इसे सही तरीके से लागू कराया गया था। वहीं 37 फीसदी लोगों का मानना है कि नोटबंदी के चलते भ्रष्टाचार में कमी आई है। एक तरफ जहां पीएम मोदी की योजनाओं की रेटिंग गिरी है तो दूसरी तरफ लोगों का उनमें भरोसा बरकार है।












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