ISIS मॉड्यूल के इन 6 गिरफ्तार युवकों का भी 'प्रेरणास्रोत' है जाकिर नाईक
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में इस्लामिक स्टेट के 6 समर्थकों को गिरफ्तार किया है, उनसे बेहद जरूरी जानकारियां सामने आईं हैं।
साथ ही इस पूछताछ में ऐसी बातें सामने आईं हैं जो इस्लामी उपदेशक जाकिर नाईक के लिए फिर से मुसीबत का सबब बन सकती हैं।

बीते रविवार (2 अक्टूबर) को NIA ने केरल और तमिलनाडु से 6 युवकों की गिरफ्तारी की थी, उनमें मंसीद उर्फ उमर अल हिन्दी, अबु बशीर उर्फ राशिद, युसुफ, सफवन, जसीम, और अम्मू शामिल थे, इन सभी ने कहा है कि इनका प्रेरणास्रोत जाकिर नाईक था।
उसके वीडियो थे प्रेरणास्रोत
इन 6 युवकों ने कहा है कि जाकिर के वीडियो, भाषण और उसके सोशल मीडिया पर आने वाली पोस्ट इनकी प्रेरणा थी।
बता दें कि इस्लामिक स्टेट के इस मॉड्यूल का मुखिया उमर अल हिन्दी ने बताया कि उसने 12 साल तक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के इंटेलिजेंस विंग में काम किया था।
उसका काम था कि वो केरल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और इसके अन्य पदाधिकारियों के बारे में रिपोर्ट करना था।
नीस सरीखा हमला करने की थी साजिश
सूत्रों के अनुसार उसने बताया कि उनका इरादा फ्रांस स्थित नीस में हुए हमले सरीखा कोई हमला भारत में करना था।
साथ ही उसे वेस्टर्न यूनियन के जरिए 38,000 रुपए विदेश से भेजे गए थे ताकि वो कोई सेकेंड हैंड वाहन खरीद सके, जिसे भीड़ में चलाया जा सके। ताकि बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो।
अल हिन्दी ने बताया कि उसे जब फिलीपीन्स की एक लड़की से शादी कर ली तो उसे पीपुल फ्रंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
30 वर्षीय अल हिन्दी ने जानकारी दी कि वो कतर से वापस केरल चला आया। करीब 8 साल पहले वो कतर में बतौर सेल्स एक्जीक्यूटिव काम करता था।
उसने बताया कि 12-18 महीने पहले उसने सोशल मीडिया पर जिहादी एक्टिविटी और आईएसआईएस के समर्थन वाले ब्लॉग और पोस्ट को फॉलो करने लगा।
इससे करते थे बातचीत
सोशल मीडिया पर जिहादी दिमाग के साथ लोगों से बातचीत करने के दौरान उसकी मुलाकात अफगानिस्तान के अबु आएशा से हुआ।
आएशा ने अल हिन्दी को अंसुर उल खिलाफ नाम के फेसबुक ग्रुप को साथ चलाने के लिए साथ लिया और जिसमें इस्लामिक स्टेट की ओर झुका रखने वाले तमिलनाडु और केरल के युवा शामिल किए गए।
यह ग्रुप बातचीत करने के लिए टेलीग्राम और ट्यूटनोटा इंक्रीप्शन का सहार लेता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए ये अपने नाम बदलते रहते थे।
संघ के लोगों पर हमला करने के लिए उकसाता था
आएशा उन्हें हर रोज संघ के खिलाफ मैटर भेजता था और उन्हें संघ कार्यकर्ताओं के खिलाफ हमला करने के लिए उकसाता था।
इस मॉड्यूल की प्लान था कि वे केरल के 3 टॉप संघ सदस्यों को निशाना बनाएंगे। साथ ही केरल हाईकोर्ट के 2 न्यायधीशों पर हमला करेंगे जो शरिया कानून पर आधुनिक सोच रखते हैं।
अभियुक्तों ने इस बात का खुलासा भी किया कि उन्होंने 12 सितंबर को कोडाईकनाल की यात्रा कर वहां की रेकी कि थी वो यहूदियों पर संभावित हमले की तलाश में थे लेकिन एक दुर्घटना का शिकार होने के कारण वो प्लान रद्द कर दिया गया था।
वहीं एनआईए ने उन सभी अभियुक्तों से मिले इलेक्ट्रॉनिक सामानों की जांच कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications