दिल्ली के लिए अच्छी है केजरीवाल और बेदी के बीच की ये समानतायें
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल के आमने-सामने आ जाने से इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प हो गये हैं। जीत चाहे केजरीवाल की हो या किरण बेदी को दिल्ली को एक पूर्व आईआईटियन और अन्ना का सिपाही मिलना तो तय ही है।

किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल में बहुत सी ऐसी समानतायें हैं जो दिल्लीवासियों के लिए सुकून का विषय हैं। केजरीवाल और बेदी के बीच चारअहम समानतायें हैं जो इन दोनों को चुनावी मैदान में आने से चुनाव को दिलचस्प बनाते हैं।
दोनों ही आईआईटी के छात्र रहे हैं
किरण बेदी ने कानून की पढ़ाई के लिए दिल्ली विश्विद्यालय का रुख करने के बाद आईआईटी दिल्ली से सामाजिक विज्ञान में पीएचडी की उपाधि ली। वहीं केजरीवाल ने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। ऐसे में पढ़ाई के स्तर पर दोनों ही बेहतर नजर आते हैं।
दोनों ही प्रशासनिक अधिकारी रहे
अरविंद केजरीवाल ने 1995 में आईआरएस में सफल हुए और दिल्ली में इन्कम टैक्स कमिश्नर का पद संभाला। लेकिन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर अन्ना आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया। वहीं किरण बेदी 1973 में देश की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी बनी। अपने कार्यकाल में उन्होंन भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा आवाज बुलंद की। यहां तक कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कार को अवैध पार्किंग स्थल से उठवा दिया था जिसके चलते उन्हें क्रेन बेदी के नाम से जाना जाता है। वहीं बेदी ने भी 2007 में दिल्ली के ज्वाइंट कमिश्नर के पद से इस्तीफा दे दिया था।
दोनों ही अन्ना आंदोलन का मुख्य हिस्सा रहे
किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल दोनों ने अन्ना के इंडिया अगेंस्ट करप्शन में हिस्सा लिया। दोनों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ इस आंदोलन के माध्यम से लोगों के बीच अपनी आवाज बुलंद की। हालांकि केजरीवाल और किरण बेदी दोनों ने ही राजनीति में आने का फैसला लिया लेकिन अन्ना ने राजनीति को कीचड़ बताते हुए इसमें कदम रखने से इनकार कर दिया।
दोनों का तिहाड़ जेल से नाता है
अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी दोनों का तिहाड़ जेल से नाता रहा है। एक तरफ जहां किरण बेदी 1993-95 के बीच तिहाड़ जेल में इंस्पेक्टर जनरल के रूप में तैनात रही थी। इस दौरान उन्होंने कैदियों को सुधारने के लिए कई सराहनीय कदम उठाये तो दूसरी तरफ केजरीवाल को नितिन गडकरी के खिलाफ लगाये आरोपों के चलते तिहाड़ जेल की हवा खानी पड़ी थी। केजरीवाल गडकरी के खिलाफ लगाये आरोपों के समर्थन में तथ्य रखने में विफल रहे थे।












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