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Gig Workers Strike: नए साल पर स्विगी-जोमैटो की सेवाएं ठप? 10 मिनट डिलीवरी मॉडल पर गिग वर्कर्स करेंगे हड़ताल

Gig Workers Strike India: देशभर के गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 दिसंबर यानी न्यू ईयर ईव पर ऑल इंडिया स्ट्राइक का ऐलान किया गया है।

इस प्रस्तावित हड़ताल में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स, कैब ड्राइवर्स और होम सर्विस वर्कर्स शामिल होंगे, जो स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, ब्लिंकिट, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स और ऐप-बेस्ड प्लेटफॉर्म्स से जुड़े हैं।

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यह विरोध प्रदर्शन इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) और तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हड़ताल देश के कई बड़े शहरों में सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।

गुरुग्राम में क्रिसमस पर स्ट्राइक का दिखा असर

यह पहली बार नहीं है जब गिग वर्कर्स ने सामूहिक विरोध दर्ज कराया हो। इससे पहले 25 दिसंबर (क्रिसमस डे) को Gig & Platform Service Workers Union (GIPSWU) की ओर से बुलाए गए प्रदर्शन का असर हरियाणा के गुरुग्राम में साफ तौर पर देखने को मिला था। हालांकि दिल्ली और नोएडा में इसका सीमित प्रभाव पड़ा, लेकिन गुरुग्राम के कई इलाकों में फूड डिलीवरी घंटों तक प्रभावित रही।

25 दिसंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान गुरुग्राम के कई इलाकों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। सेक्टर 66 का बादशाहपुर, सोहना रोड, सेक्टर 31, 47, 48, सेक्टर 50 का बाणी स्क्वायर, सेक्टर 49 का एरोस सिटी स्क्वायर और सेक्टर 46 का हुडा मार्केट सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहे।

गिग वर्कर्स की प्रमुख मांगें क्या हैं?

हड़ताल पर जा रहे गिग वर्कर्स की मांगें सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा और कामकाजी हालात भी उनके एजेंडे में शामिल हैं। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

आय की सुरक्षा: गिग वर्कर्स की कमाई को वैधानिक न्यूनतम वेतन से जोड़ा जाए।

पारदर्शी और फेयर पे स्ट्रक्चर: कैब ड्राइवर्स के लिए कम से कम ₹20 प्रति किलोमीटर का न्यूनतम रेट तय किया जाए।

8 घंटे का वर्किंग डे: तय समय से ज्यादा काम करने पर ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

सोशल सिक्योरिटी: दुर्घटना, बीमारी या आपात स्थिति में सहायता के लिए प्रभावी बीमा और सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं।

10 मिनट डिलीवरी मॉडल खत्म हो: वर्कर्स का कहना है कि यह मॉडल तेज और असुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देता है, जिससे जान का खतरा बना रहता है।

सुरक्षित कामकाजी माहौल: सर्दियों में घने कोहरे जैसे खतरनाक हालात में रात 11 बजे के बाद डिलीवरी बंद की जाए।

सर्दियों में सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

गिग वर्कर्स का कहना है कि सर्दियों की रातों में, खासकर कोहरे के दौरान, सड़क पर काम करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म्स पर तेज डिलीवरी का दबाव बना रहता है। वर्कर्स ने मांग की है कि घने कोहरे वाले दिनों में लेट-नाइट डिलीवरी अस्थायी रूप से रोकी जाए, ताकि हादसों से बचा जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जगहों पर 70 से 80 डिलीवरी पार्टनर्स एक साथ इकट्ठा हुए, जबकि कुछ स्थानों पर यह संख्या 50 से 100 तक बताई गई।

प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई के आरोप

प्रदर्शन में शामिल कुछ गिग वर्कर्स ने प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट पर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के आरोप भी लगाए हैं। एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव ने दावा किया कि विरोध स्थल पर देखे जाने के बाद उसका रेट कार्ड ऐप से हटा दिया गया, जिससे उसकी कमाई प्रभावित हुई। वर्कर्स का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से प्रदर्शन में शामिल लोगों के बीच डर का माहौल बन रहा है।

न्यू ईयर ईव पर सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

अगर 31 दिसंबर को प्रस्तावित यह हड़ताल व्यापक स्तर पर होती है, तो न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बीच फूड डिलीवरी, कैब और होम सर्विसेज पर बड़ा असर पड़ सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनियां वर्कर्स की मांगों पर बातचीत के लिए आगे आती हैं या फिर न्यू ईयर ईव पर देशभर में एक बार फिर गिग वर्कर्स का बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा।

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