24 साल के ले. आकाश चौधरी असम में शहीद, चीन बॉर्डर पर पेट्रोलिंग के दौरान गहरे गड्ढे में गिरे
मेरठ। असम से सेना के लिए एक बुरी खबर उस समय आई जब 24 साल के लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी की पेट्रोलिंग के दौरान मृत्यु हो गई। ले. आकाश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और उनका परिवार अलवालपुर गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि ले. चौधरी को बचाने के लिए सेना की तरफ से राहत कार्य शुरू किया गया था और उन्हें बचा भी लिया गया था। लेकिन अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
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एक साल पहले ही हुए थे कमीशंड
लेफ्टिनेंट आकाश पिछले साल ही सेना में कमीशंड हुए थे। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) से पासआउट ले. की पहली पोस्टिंग असम में ही थी। गुरुवार देर रात ले. आकाश पेट्रोलिंग पर थे और फिसलकर गहरे गड्ढे में जा गिरे। सेना ने उन्हें तलाशन के लिए रात में ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। आकाश की शहादत की खबर शुक्रवार दोपहर उनके गांव में पहुंची थी। ले. आकाश को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मेरठ पहुंचे घर के लोग
उनका अंतिम संस्कार मेरठ में होगा क्योंकि अब उनके माता-पिता यहीं पर रहते हैं। उनके पिता कुंवर पाल सिंह मेरठ की एक शुगर मिल में कार्यरत हैं। उनके करीबियों की मानें तो वह हमेशा से आर्मी ऑफिसर बनने का सपना देखते थे। उनके गांव के भी कई लोग उनके घर पहुंच चुके हैं। ले. आकाश का शव आज शाम तक मेरठ पहुंचेगा लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को होगा। शनिवार और रविवार को कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा है।

12 Sikhli के साथ थे अटैच्ड
उन्होंने पांचवें प्रयास में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) क्लीयर किया था। उनके परिवारों वालों की मानें तो वह बिल्कुल भी हार नहीं मानना चाहते थे। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) कर परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 53वीं रैंक हासिल की थी। ले. आकाश चौधरी सेना की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स यानी ईएमई कोर में कमीशंड हुए थे। पोस्टिंग के दौरान वह 12 सिख लाइट इनफेंट्री के साथ अटैच्ड थे।

सिर पर लगी थी चोट
सूत्रों के मुताबिक 16 जुलाई की शाम को यूनिट के साथ असम के करीब पहाड़ी पर पेट्रोलिंग पर गए थे। पहाड़ी पर काफी फिसलन थी और जैसे ही वह गिरे उनका सिर पत्थर से टकरा गया था। सेना ने सर्च ऑपरेशन तो शुरू किया लेकिन उन्हें शुक्रवार सुबह तलाशा जा सका। लेफ्टिनेंट आकाश के घर में उनकी माता-पिता के अलावा एक बहन है।












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