अयोध्या की तर्ज पर कर्नाटक के किष्किंधा में बनेगा भव्य मंदिर, हनुमान जी की 215 मीटर ऊंची मूर्ति होगी स्थापित
नई दिल्ली। कर्नाटक के पंपापुर के किस्किंधा में हनुमान जी की 215 मीटर की विशाल मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। मूर्ति की स्थापना हंपी स्थित एक ट्रस्ट कराएगा। बता दें कि हंपी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है और किष्किंधा हंपी से कुछ ही दूर स्थित है, जानकारी के अनुसार हनुमान जी का जन्म किष्किंधा में ही हुआ था। हनुमद जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी गोविंद आनंद सरस्वती ने मूर्ति की स्थापना का ऐलान अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास से मुलाकात के बाद किया है।

स्वामी गोविंद आनंद सरस्वती ने बताया कि वह पूरे देश में रथ यात्रा निकालेगे और आम लोगों से इसके लिए चंदा इकट्ठा करेंगे। इस मूर्ति को 1200 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान राम की 215 मीटर लंबी मूर्ति की स्थापना की जाएगी। उनकी मूर्ति 221 मीटर से ऊंची नहीं हो सकती है क्योंकि भगवान राम की 221 मीटर ऊंची मूर्ति अयोध्या में बनाई गई है। हनुमान जी भगवान राम के भक्त थे, लिहाजा उनकी मूर्ति भगवान राम से लंबी नहीं हो सकती है। गोविंद आनंद सरस्वती ने बताया कि उनकी संस्था 80 फुट का रथ भी राम जुन्मभूमि के लिए राम जन्मभूमिक तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान करेगी। इसे दो वर्ष में तैयार किया जाएगा, जिसमे तकरीबन 2 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
स्वामी गोविंद सरस्वती ने बताया कि हनुमान जी की जन्मस्थली किष्किंधा में भगवान हनुमान की सबसे बड़ी मूर्ति की स्थापना की जाएगी। यह मूर्ति तुंगभद्रा नदी के किनारे 20 एकड़ की जमीन में स्थापित की जाएगी। मूर्ति के साथ यहां तकरीबन 100 करोड़ रुपए की लागत से भव्य हनुमान जी का मंदिर बनेगा। इस मंदिर का शिलान्यास पहले ही किया जा चुका है। पूरे देश में 12 साल तक किष्किंधा रथा यात्रा निकाली जाएगी इसके बाद यहां ठाकुर जी विराजमान होंगे, साथ ही राम-सीता और लक्ष्मण, हनुमानजी सहित पंचधातु उत्सव मूर्तियां भी यहां स्थापित की जाएगी।












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